पंजाब के कॉलेजों में ‘संगत’ से मानसिक स्वास्थ्य और नशा रोकथाम को बल
पंजाब सरकार ने 22 अक्टूबर 2026 को राज्य के 40 कॉलेजों में ‘संगत’ मानसिक स्वास्थ्य क्लब शुरू किए। इस पहल का उद्देश्य युवाओं की भावनात्मक भलाई को बढ़ावा देना, मानसिक परेशानी की शुरुआती पहचान करना और नशे से बचाव के प्रयासों को मजबूत करना है। यह कार्यक्रम राज्य के ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान का हिस्सा है।
कॉलेज परिसरों में शुरुआती मदद की व्यवस्था
संगत क्लबों के जरिए छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बातचीत करने और अपने साथियों को शुरुआती सहायता देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रत्येक सहभागी कॉलेज से 25 छात्रों को 14 घंटे का युवा मानसिक स्वास्थ्य प्राथमिक सहायता प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस तरह 40 कॉलेजों में कुल 1,000 छात्र प्रशिक्षण के दायरे में आएंगे। पाठ्यक्रम पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी मिलेगा।
प्रशिक्षित छात्र भावनात्मक परेशानी के संकेत पहचानना और सहपाठियों को सहायक माहौल में सुनना सीखेंगे। मानसिक स्वास्थ्य की प्राथमिक सहायता का अर्थ संकट के शुरुआती संकेतों को समझकर व्यक्ति को उचित सहायता तक पहुंचने में मदद करना है। यह किसी मानसिक रोग का चिकित्सकीय निदान या उपचार नहीं है; निदान और उपचार योग्य मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों का काम है। इसलिए प्रशिक्षण का एक अहम पहलू जरूरत पड़ने पर संबंधित सेवाओं की ओर मार्गदर्शन करना है।
शिक्षा विभाग और साझेदार संस्थाओं की भूमिका
कार्यक्रम का नेतृत्व पंजाब का उच्च शिक्षा विभाग कर रहा है। इसके लिए आदित्य बिड़ला एजुकेशन ट्रस्ट और एमपावर के साथ साझेदारी की गई है। क्लब परिसर में ऐसी गतिविधियां आयोजित करेंगे जिनसे भावनात्मक स्वास्थ्य पर चर्चा सामान्य हो और नशे के इस्तेमाल को हतोत्साहित किया जा सके। यह पहल केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों के बीच सहायक संपर्क और समय रहते मदद मांगने की संस्कृति बनाने पर भी केंद्रित है।
राज्यव्यापी शुभारंभ समारोह मोहाली स्थित प्लाक्षा विश्वविद्यालय में हुआ। मुख्यमंत्री भगवंत मान, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने वहां छात्र प्रतिभागियों से संवाद किया। इससे पहले, 29 सितंबर 2026 को पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला में संगत क्लब सदस्यों के लिए तीन दिवसीय युवा मानसिक स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक प्राथमिक सहायता प्रशिक्षण शुरू हुआ था।
नशा रोकथाम के व्यापक प्रयासों से जुड़ाव
संगत पंजाब में शिक्षा संस्थानों के जरिए चल रहे नशा-रोधी प्रयासों को आगे बढ़ाता है। दिसंबर 2025 में राज्य में 146 कॉलेज शिक्षकों को नशा रोकथाम के लिए नोडल अधिकारी के रूप में प्रशिक्षित किया गया था। इससे पहले, अक्टूबर 2025 तक 14 सप्ताह का नशा-रोधी पाठ्यक्रम 3,600 सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में लागू किया जा चुका था और 7.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचा था। कॉलेजों के नए क्लब इसी शैक्षिक दृष्टिकोण को उच्च शिक्षा स्तर तक ले जाते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ का अर्थ ‘नशे के खिलाफ युद्ध’ है।
- संगत कार्यक्रम का नेतृत्व पंजाब का उच्च शिक्षा विभाग कर रहा है; इसके साझेदार आदित्य बिड़ला एजुकेशन ट्रस्ट और एमपावर हैं।
- संगत की शुरुआत 40 कॉलेजों में हुई है और प्रत्येक कॉलेज से 25 छात्रों को 14 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाना है।
- शुभारंभ समारोह मोहाली स्थित प्लाक्षा विश्वविद्यालय में हुआ; पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला में स्थित है।
संगत की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रशिक्षित छात्र जरूरतमंद साथियों को समय रहते उचित पेशेवर सहायता तक पहुंचाने में कितने प्रभावी साबित होते हैं।