पंकज आडवाणी ने 29वां विश्व खिताब जीतकर रचा नया इतिहास
भारत के क्यू खिलाड़ी पंकज आडवाणी ने 23 अक्टूबर 2026 को इंग्लैंड के ग्रेट विर्ली में आयोजित विश्व बिलियर्ड्स चैंपियनशिप के फाइनल में शानदार वापसी करते हुए अपना 29वां करियर विश्व खिताब जीता। पांच घंटे तक चले मुकाबले में उन्होंने इंग्लैंड के रॉबर्ट हॉल को 1,906–1,206 से हराया। यह बिलियर्ड्स में उनका 21वां विश्व चैंपियनशिप खिताब है।
300 से अधिक अंकों की कमी से की वापसी
फाइनल के दौरान आडवाणी एक समय हॉल से 300 से अधिक अंकों से पीछे थे। इसके बाद उन्होंने धैर्य के साथ खेलते हुए मुकाबले की दिशा बदल दी। हॉल के एक शॉट चूकने के बाद आडवाणी ने 587 अंकों की लगातार श्रृंखला बनाई। यह इस चैंपियनशिप का सबसे बड़ा ब्रेक रहा और निर्णायक बढ़त बनाने में अहम साबित हुआ। बिलियर्ड्स में एक खिलाड़ी की मेज पर लगातार खेली गई एक पारी के दौरान बनाए गए अंकों को ब्रेक कहा जाता है।
फाइनल तक आडवाणी का सफर
फाइनल से पहले आडवाणी ने सेमीफाइनल में गत चैंपियन डेविड कॉसियर को 1,607–1,271 से पराजित किया था। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने भारत के सौरव कोठारी को 1,134–575 से हराया। खिताबी मुकाबले में जीत के साथ उन्हें जॉन रॉबर्ट्स ट्रॉफी मिली, जिसका नाम 19वीं सदी के अंग्रेज बिलियर्ड्स चैंपियन जॉन रॉबर्ट्स सीनियर के नाम पर रखा गया है। आडवाणी बिलियर्ड्स और स्नूकर, दोनों क्यू खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके 29 विश्व खिताब इन दोनों खेलों में हासिल उपलब्धियों का कुल योग हैं।
बिलियर्ड्स के नियम और भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
इंग्लिश बिलियर्ड्स में तीन गेंदों का इस्तेमाल होता है—एक लाल ऑब्जेक्ट गेंद और दोनों खिलाड़ियों के लिए एक-एक क्यू गेंद। खिलाड़ी कैनन, पॉट और इन-ऑफ के जरिए अंक जुटाते हैं। कैनन में क्यू गेंद एक ही शॉट में बाकी दोनों गेंदों से संपर्क करती है। पॉट में ऑब्जेक्ट गेंद जेब में जाती है, जबकि इन-ऑफ में दूसरी गेंद से टकराने के बाद क्यू गेंद जेब में चली जाती है। इसी चैंपियनशिप के महिला वर्ग में भारत की श्रुति एल ने ऑस्ट्रेलिया की अन्ना लिंच को 347–222 से हराकर अपना खिताब बरकरार रखा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- इंग्लिश बिलियर्ड्स में दो क्यू गेंदों और एक लाल ऑब्जेक्ट गेंद का उपयोग किया जाता है।
- एक ही शॉट में क्यू गेंद का दोनों अन्य गेंदों से संपर्क करना कैनन कहलाता है।
- दूसरी गेंद से संपर्क के बाद क्यू गेंद का जेब में जाना इन-ऑफ है।
- आडवाणी ने फाइनल में 587 अंकों का ब्रेक बनाया, जो 2026 की चैंपियनशिप का सर्वोच्च ब्रेक था।
आडवाणी की यह जीत बड़े अंतर से पिछड़ने के बाद भी संयम और निरंतरता बनाए रखने का उदाहरण है। महिला वर्ग में श्रुति एल की सफलता ने चैंपियनशिप में भारत की उपलब्धियों को और मजबूत किया।