न्यूजीलैंड में ब्लैक रॉबिन बना 2026 का ‘बर्ड ऑफ द ईयर’

न्यूजीलैंड में ब्लैक रॉबिन बना 2026 का ‘बर्ड ऑफ द ईयर’

न्यूजीलैंड के संकटग्रस्त ब्लैक रॉबिन, जिसे करुरे भी कहा जाता है, को 21 सितंबर 2026 को देश का ‘बर्ड ऑफ द ईयर’ चुना गया। फॉरेस्ट एंड बर्ड द्वारा कराई गई इस वार्षिक सार्वजनिक वोटिंग में इस छोटे पक्षी ने 25,000 से अधिक वोट हासिल किए, जबकि कुल मतदान 1,05,000 तक पहुंच गया। यह रिकॉर्ड भागीदारी इस बात का संकेत है कि न्यूजीलैंड में पक्षी संरक्षण को लेकर जन-जागरूकता लगातार बढ़ रही है।

क्यों खास है ब्लैक रॉबिन की जीत

ब्लैक रॉबिन न्यूजीलैंड के चाथम द्वीपसमूह का स्थानिक पक्षी है, जो मुख्यभूमि न्यूजीलैंड से लगभग 800 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। इसका वैज्ञानिक नाम Petroica traversi है और यह ऑस्ट्रेलेशियन रॉबिन समूह तथा Petroicidae परिवार से संबंधित है। यह प्रजाति कभी बेहद संकट में पहुंच गई थी और 1980 में केवल पांच पक्षी बचे थे, जिनमें एक प्रजनन मादा ‘ओल्ड ब्लू’ भी शामिल थी।

संरक्षण प्रयासों के बाद इसकी संख्या बढ़कर लगभग 350 वयस्क पक्षियों तक पहुंच गई है, लेकिन यह अभी भी न्यूजीलैंड में threatened-nationally critical श्रेणी में बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रजाति के दीर्घकालिक अस्तित्व के लिए शिकारी नियंत्रण और आवास संरक्षण सबसे अहम हैं।

संरक्षण की सफलता और आगे की चुनौतियां

ब्लैक रॉबिन की कहानी संरक्षण विज्ञान की एक महत्वपूर्ण मिसाल मानी जाती है। जब किसी प्रजाति की आबादी कुछ ही व्यक्तियों तक सिमट जाती है, तब आनुवंशिक विविधता, प्रजनन क्षमता और प्राकृतिक जोखिमों के कारण उसका अस्तित्व और भी असुरक्षित हो जाता है। ऐसे में नियंत्रित संरक्षण, सुरक्षित आवास और बाहरी खतरों से बचाव उसकी वापसी में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

चाथम आइलैंड्स लैंडस्केप रेस्टोरेशन ट्रस्ट ने इस प्रजाति के लिए तीसरे ऐसे द्वीप-आवास की जरूरत पर जोर दिया है, जहां शिकारी जीवों का खतरा न हो। यह सुझाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि छोटे द्वीपीय पक्षियों के लिए सुरक्षित और अलग-थलग आवास उनकी पुनर्बहाली में मदद कर सकते हैं।

बर्ड ऑफ द ईयर प्रतियोगिता का महत्व

‘बर्ड ऑफ द ईयर’ न्यूजीलैंड की प्रमुख संरक्षण संस्था फॉरेस्ट एंड बर्ड द्वारा हर साल कराई जाने वाली सार्वजनिक वोटिंग है। 2026 के मुकाबले में लगभग 88 प्रतिशत वोट न्यूजीलैंड के भीतर से आए, जो स्थानीय भागीदारी की मजबूत तस्वीर पेश करता है। इस बार काकापो दूसरे स्थान पर रहा, जबकि कारीरिया, यानी न्यूजीलैंड फाल्कन, तीसरे स्थान पर रहा।

यह प्रतियोगिता केवल लोकप्रियता का मंच नहीं, बल्कि संकटग्रस्त पक्षियों और उनके आवासों पर ध्यान खींचने का प्रभावी माध्यम भी है। इसी वजह से हर साल यह आयोजन संरक्षण अभियानों और जैव विविधता से जुड़ी चर्चाओं को नई गति देता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • ब्लैक रॉबिन न्यूजीलैंड के चाथम द्वीपसमूह का स्थानिक पक्षी है।
  • 1980 में इसकी आबादी केवल पांच पक्षियों तक सिमट गई थी, जिनमें ‘ओल्ड ब्लू’ नाम की एक प्रजनन मादा शामिल थी।
  • यह प्रजाति न्यूजीलैंड में threatened-nationally critical श्रेणी में सूचीबद्ध है।
  • काकापो दुनिया का सबसे भारी और उड़ान-रहित तोता है, जो इस प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर रहा।

ब्लैक रॉबिन की जीत संरक्षण प्रयासों की अहमियत को रेखांकित करती है और यह दिखाती है कि सही नीति, निगरानी और आवास संरक्षण से संकटग्रस्त प्रजातियों को बचाया जा सकता है।

Originally written on September 22, 2026 and last modified on September 22, 2026.

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