नामेरी का ‘वाइल्ड क्लासरूम’: जंगल में सीखेंगे विद्यार्थी
असम वन विभाग ने 10 से 12 अक्टूबर 2026 के दौरान नामेरी टाइगर रिजर्व में ‘नामेरी वाइल्ड क्लासरूम’ पहल शुरू की। कक्षा 8 से आगे के स्कूली और कॉलेज विद्यार्थी इस आवासीय कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। इसमें दो और तीन दिन के सीखने के सत्र रखे गए हैं।
मैदानी अनुभव से प्रकृति की समझ
कार्यक्रम में पक्षी अवलोकन, जंगल में मार्गदर्शित भ्रमण, वन्यजीवों के संकेतों की पहचान और नदी पारिस्थितिकी का अध्ययन शामिल है। जिया-भराली नदी में राफ्टिंग भी गतिविधियों का हिस्सा है। प्रकृतिविद और वनकर्मी प्रतिभागियों को इन सत्रों में मार्गदर्शन देंगे। विद्यार्थी अपने अवलोकनों को फील्ड जर्नल में दर्ज करेंगे और पाठ्यक्रम पूरा करने पर उन्हें प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी विकसित करना है। प्रत्यक्ष अवलोकन के जरिए उन्हें जैव विविधता, पारिस्थितिकी और संरक्षण से परिचित कराया जाएगा। कार्यक्रम में स्थानीय समुदायों की परंपराओं और ज्ञान को भी शामिल किया गया है।
नामेरी का पारिस्थितिक महत्व
नामेरी टाइगर रिजर्व असम के सोनितपुर जिले में स्थित है और इसमें नामेरी राष्ट्रीय उद्यान शामिल है। राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा 1998 में मिला, जबकि रिजर्व की स्थापना 1999 में बाघ परियोजना के तहत हुई। जिया-भराली नदी इस क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण जलधारा है। यहां नदी किनारे के आवास और वन क्षेत्र, दोनों तरह के प्राकृतिक परिवेश मिलते हैं।
कक्षा से आगे वन्यजीव संरक्षण का परिचय
असम के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने इस पहल की घोषणा की। रिजर्व के क्षेत्र निदेशक बी. पिराइसूदन के अनुसार, कार्यक्रम की परिकल्पना पार्क प्रशासन ने की है और इसे मौजूदा पर्यटन मौसम में शुरू करने की योजना है। आवासीय स्वरूप के कारण विद्यार्थी कुछ दिनों तक वन और नदी के वातावरण को करीब से समझ सकेंगे। यह अनुभव उन्हें वन्यजीव अनुसंधान, पारिस्थितिकी और संरक्षण जैसे क्षेत्रों से परिचित करा सकता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- नामेरी राष्ट्रीय उद्यान असम के सोनितपुर जिले में स्थित है।
- नामेरी राष्ट्रीय उद्यान को 1998 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था।
- नामेरी टाइगर रिजर्व की स्थापना 1999 में बाघ परियोजना के तहत हुई।
- वाइल्ड क्लासरूम में कक्षा 8 से आगे के विद्यार्थियों के लिए दो और तीन दिन के आवासीय सत्र हैं।
नामेरी वाइल्ड क्लासरूम पुस्तकीय जानकारी के साथ प्रत्यक्ष अनुभव को जोड़ता है। इससे विद्यार्थियों को स्थानीय पारिस्थितिकी और संरक्षण की चुनौतियों को समझने का अवसर मिलेगा।