दोहा में भारतीय निशानेबाजों का दबदबा, 50 मीटर पिस्टल में स्वर्ण
भारत ने 3 नवंबर 2026 को कतर के दोहा में आयोजित आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप में पुरुषों की 50 मीटर पिस्टल टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। सौरभ चौधरी, रविंदर सिंह और अमनप्रीत सिंह की भारतीय तिकड़ी ने कुल 1,659-24x अंक हासिल किए।
टीम स्पर्धा में भारत शीर्ष पर
भारत ने चीन को 11 अंकों से पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया। चीन ने 1,648-26x अंकों के साथ रजत पदक जीता, जबकि दक्षिण कोरिया 1,643-26x अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा और उसे कांस्य मिला। 50 मीटर पिस्टल गैर-ओलंपिक स्पर्धा है, इसलिए इस जीत का महत्व विश्व चैंपियनशिप के पदक तक सीमित है।
रविंदर सिंह को व्यक्तिगत रजत
टीम के सदस्य रविंदर सिंह ने व्यक्तिगत 60-शॉट मुकाबले में 559-11x अंक लेकर रजत पदक अपने नाम किया। रूस के एंटोन अरिस्तारखोव ने 561-9x अंकों के साथ स्वर्ण और रोमानिया के लुका जोल्दिया ने 558-5x अंकों के साथ कांस्य जीता। सौरभ चौधरी 551-7x अंक के साथ 41 निशानेबाजों में 11वें स्थान पर रहे, जबकि अमनप्रीत सिंह ने 549 अंक लेकर 19वां स्थान प्राप्त किया।
50 मीटर पिस्टल स्पर्धा की विशेषताएं
इस स्पर्धा में निशानेबाज को एक हाथ से पिस्टल चलानी होती है और शरीर के किसी अन्य हिस्से का सहारा लेने की अनुमति नहीं होती। व्यक्तिगत मुकाबले में 60 शॉट होते हैं। हथियार और निशाना साधने के नियम भी इस स्पर्धा को तकनीकी रूप से अलग बनाते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- 50 मीटर पिस्टल में .22 लॉन्ग राइफल कारतूस का उपयोग किया जाता है और एक बार में एक ही कारतूस लोड किया जाता है।
- इस स्पर्धा में खुले या लोहे के दृष्टि-यंत्र इस्तेमाल किए जा सकते हैं; दूरबीननुमा और लेजर दृष्टि-यंत्र प्रतिबंधित हैं।
- पिस्टल को एक हाथ से चलाना होता है और निशानेबाज शरीर के किसी अन्य हिस्से से उसे सहारा नहीं दे सकता।
- व्यक्तिगत मुकाबले के 60 शॉट अधिकतम दो घंटे में पूरे करने होते हैं।
दोहा में टीम स्वर्ण और रविंदर सिंह का व्यक्तिगत रजत भारतीय निशानेबाजी के लिए उल्लेखनीय उपलब्धियां हैं।