दूरसंचार निर्णय ढांचे में बड़ा बदलाव, 37 साल पुरानी आयोग व्यवस्था खत्म
केंद्र सरकार ने दूरसंचार और डिजिटल संचार से जुड़े निर्णयों के लिए बनी 37 साल पुरानी डिजिटल कम्युनिकेशंस कमीशन (DCC) को भंग कर दिया है। यह कदम 19 सितंबर 2026 की सरकारी अधिसूचना के प्रकाशन के साथ प्रभावी हुआ। इससे पहले 16 सितंबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आयोग को समाप्त करने की मंजूरी दी थी।
कब और कैसे बना था यह आयोग
इस संस्था की शुरुआत अप्रैल 1989 में टेलीकॉम कमीशन के रूप में हुई थी। बाद में अक्टूबर 2018 में राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति के तहत इसका नाम बदलकर डिजिटल कम्युनिकेशंस कमीशन कर दिया गया। लगभग 37 वर्षों तक यह दूरसंचार क्षेत्र में शीर्ष अंतर-विभागीय निर्णयकारी निकाय के रूप में काम करता रहा।
क्या काम करता था DCC
डिजिटल कम्युनिकेशंस कमीशन दूरसंचार और डिजिटल संचार से जुड़े नीतिगत तथा प्रशासनिक मामलों पर निर्णय लेता था। इसमें दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभागीय सलाहकार और वित्तीय निगरानी से जुड़े सदस्य शामिल रहते थे। आयोग का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाकर बड़े फैसलों को आगे बढ़ाना था।
सरकारी व्यवस्था के अनुसार, आयोग के कई सदस्य पद उस समय खाली थे। वित्त सदस्य के फरवरी 2027 में सेवानिवृत्त होने की भी स्थिति थी। साथ ही, संबंधित वित्तीय मामलों में बजट स्वीकृति की जिम्मेदारी पहले से ही वित्त मंत्रालय के पास थी।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला
आयोग को भंग करने के पीछे मुख्य कारण यह बताया गया कि उसके सदस्यों और दूरसंचार विभाग के विभागीय सलाहकारों की भूमिकाओं में दोहराव हो गया था। सरकार ने इस संरचना को प्रशासनिक रूप से दोहरावपूर्ण माना। इसी के साथ खाली पदों की स्थिति ने भी इस बदलाव को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई।
अब आयोग से जुड़े नीति और प्रशासनिक विषय सीधे तौर पर दूरसंचार सचिव के पास जाएंगे। जहां आवश्यक होगा, वहां संचार मंत्री और केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी ली जाएगी।
हालिया बैठक में लिए गए अहम फैसले
DCC की आखिरी बैठक 3 सितंबर 2026 को हुई थी। इसी बैठक में सैटेलाइट कम्युनिकेशन स्पेक्ट्रम से जुड़े फैसले अंतिम रूप दिए गए थे। इनमें पांच साल के लिए प्रशासनिक स्पेक्ट्रम आवंटन, जिसे दो साल तक बढ़ाया जा सकता है, और समायोजित सकल राजस्व पर 5% स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क शामिल था।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- टेलीकॉम कमीशन की स्थापना अप्रैल 1989 में हुई थी।
- अक्टूबर 2018 में इसका नाम बदलकर डिजिटल कम्युनिकेशंस कमीशन किया गया।
- राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति 2018 में अपनाई गई थी।
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने DCC को बंद करने की मंजूरी 16 सितंबर 2026 को दी थी।
इस फैसले के साथ दूरसंचार क्षेत्र में निर्णय लेने की पुरानी अंतर-विभागीय व्यवस्था समाप्त हो गई है और अब प्रक्रिया अधिक सीधे तौर पर दूरसंचार सचिव के स्तर से आगे बढ़ेगी।