दीप्ति जीवनजी ने एशियाई पैरा खेलों में बनाया नया कीर्तिमान
भारत की पैरा एथलीट दीप्ति जीवनजी ने 20 अक्टूबर 2026 को जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में महिलाओं की 400 मीटर टी20 दौड़ का स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 56.36 सेकंड में दौड़ पूरी कर प्रतियोगिता का नया रिकॉर्ड बनाया। यह इन खेलों में भारत का पांचवां स्वर्ण और दूसरे दिन का पहला स्वर्ण पदक रहा।
रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक
दीप्ति ने जापान की नीना कानो को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 58.92 सेकंड के समय के साथ रजत पदक जीता। जापान की अकाने काटो 1 मिनट 0.26 सेकंड में दौड़ पूरी कर कांस्य पदक हासिल करने में सफल रहीं। 400 मीटर दौड़ एथलेटिक्स ट्रैक के एक पूरे चक्कर की स्पर्धा है। दीप्ति का 56.36 सेकंड का समय एशियाई पैरा खेलों में इस स्पर्धा का नया रिकॉर्ड है।
टी20 वर्ग और दीप्ति का सफर
पैरा एथलेटिक्स में टी20 वर्ग बौद्धिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ियों के लिए निर्धारित है। इसमें ‘टी’ ट्रैक स्पर्धाओं को दर्शाता है, जबकि संख्या खिलाड़ी की खेल-वर्ग श्रेणी बताती है। खिलाड़ी अपनी निर्धारित श्रेणी के अन्य प्रतिस्पर्धियों के साथ मुकाबला करते हैं। तेलंगाना की 23 वर्षीय दीप्ति ने पेरिस 2024 पैरालंपिक में भी महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। वह 2024 पैरा विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं और इस प्रतियोगिता की दो बार पदक विजेता रही हैं।
खेलों में भारत के अन्य परिणाम
दीप्ति के स्वर्ण के साथ दूसरे दिन भारत की पदक तालिका में एक और उपलब्धि जुड़ी। पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल ने महिलाओं के एकल वर्ग 4–5 में कांस्य पदक जीता। वह सेमीफाइनल में चीन की झांग बियान से हार गई थीं। पैरा बैडमिंटन में प्रमोद भगत और मानसी रामदास की मिश्रित एसएल3–एसयू5 जोड़ी सेमीफाइनल में पहुंची, जिससे भारत का एक और पदक सुनिश्चित हुआ।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एशियाई पैरा खेल एशिया के देशों और क्षेत्रों के दिव्यांग खिलाड़ियों की बहु-खेल प्रतियोगिता है।
- 2026 एशियाई पैरा खेल जापान के आइची-नागोया में आयोजित हो रहे हैं।
- दीप्ति जीवनजी ने पेरिस 2024 पैरालंपिक में महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था।
- टी20 पैरा एथलेटिक्स में बौद्धिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ियों की ट्रैक स्पर्धा श्रेणी है।
दीप्ति का नया रिकॉर्ड उनके अंतरराष्ट्रीय पदक सफर में एक बड़ी उपलब्धि है। उनके स्वर्ण और भारत के अन्य खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने खेलों के दूसरे दिन देश की पदक उम्मीदों को मजबूती दी।