दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच से जोड़ने की पहल

दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच से जोड़ने की पहल

दिल्ली सरकार और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) ने 28 सितंबर 2026 को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य दिल्ली की कला, सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। इसके जरिए सांस्कृतिक सहयोग, कलाकारों के आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली की पहुंच के लिए एक संस्थागत ढांचा तैयार होगा।

सांस्कृतिक कूटनीति को मिलेगा नया आधार

यह समझौता केवल कार्यक्रमों के आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे सांस्कृतिक कूटनीति का हिस्सा माना जा रहा है। दिल्ली जैसे महानगर के लिए यह पहल इसलिए अहम है क्योंकि यहां पारंपरिक कला, समकालीन रचनात्मकता और पर्यटन, तीनों का बड़ा आधार मौजूद है। आईसीसीआर के साथ साझेदारी से दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान को देश के बाहर भी अधिक संगठित तरीके से प्रस्तुत किया जा सकेगा।

आईसीसीआर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संगठन है, जिसकी स्थापना 1950 में मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने की थी। यह संस्था भारत की सांस्कृतिक कूटनीति, अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान और विदेशों में भारतीय संस्कृति के प्रसार के लिए काम करती है।

समझौते में क्या-क्या शामिल है

एमओयू के तहत दिल्ली सरकार और आईसीसीआर के बीच सांस्कृतिक कूटनीति, पर्यटन संवर्धन और शैक्षणिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में सहयोग होगा। दिल्ली के कलाकारों को आईसीसीआर की होराइजन सीरीज और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सवों में भागीदारी का अवसर मिलेगा।

दिल्ली सरकार विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों की एक समेकित निर्देशिका तैयार करेगी। इसमें प्रदर्शन कलाएं, साहित्य, मूर्तिकला, वस्त्र, वास्तुकला, पाक कला और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। इसके अलावा विदेशी कलाकारों को भी दिल्ली के सांस्कृतिक और पर्यटन आयोजनों में प्रस्तुति देने का अवसर मिलेगा।

समझौते में संयुक्त प्रदर्शनियों, कलाकार आवास कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, सम्मेलनों और संगोष्ठियों का भी प्रावधान है। अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक समूहों के दिल्ली में प्रदर्शन से जुड़े खर्च दिल्ली सरकार वहन करेगी, जबकि आईसीसीआर प्रतिभागियों के चयन, वीजा और यात्रा व्यवस्था में सहयोग करेगा।

कार्यान्वयन और अवधि की व्यवस्था

इस समझौते के क्रियान्वयन के लिए आईसीसीआर और दिल्ली सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग के प्रतिनिधियों वाली एक संयुक्त समिति बनाई जाएगी। यह समिति वार्षिक गतिविधि योजना तैयार करेगी और सहयोग की दिशा तय करेगी।

यह एमओयू हस्ताक्षर की तारीख से पांच वर्ष तक प्रभावी रहेगा और आपसी सहमति से इसे अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकता है। इससे दिल्ली में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की निरंतरता और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को स्थायित्व मिलने की उम्मीद है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • आईसीसीआर की स्थापना 1950 में हुई थी और यह विदेश मंत्रालय के अधीन काम करता है।
  • समझौता ज्ञापन दो संस्थाओं या सरकारों के बीच सहयोग का औपचारिक दस्तावेज होता है।
  • आईसीसीआर की होराइजन सीरीज सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आदान-प्रदान के लिए एक प्रमुख मंच है।
  • दिल्ली सरकार का कला एवं संस्कृति विभाग शहर की सांस्कृतिक गतिविधियों का नोडल विभाग है।

यह समझौता दिल्ली को सांस्कृतिक संवाद, पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के एक सक्रिय केंद्र के रूप में और मजबूत कर सकता है। आने वाले वर्षों में इससे स्थानीय कलाकारों को नए अवसर और राजधानी की सांस्कृतिक छवि को व्यापक पहचान मिलने की संभावना है।

Originally written on September 29, 2026 and last modified on September 29, 2026.

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