तमिल संगीत के दिग्गज देवा का निधन, चार दशक की विरासत पीछे छोड़ी
तमिल फिल्म संगीत के प्रसिद्ध संगीतकार देवा का 17 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनका पूरा नाम देवनासन चोक्कालिंगम था। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें उसी सुबह एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ रिपोर्टों में दिल का दौरा पड़ने की बात कही गई, हालांकि मृत्यु का आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया।
चार दशक का संगीत सफर
देवा का संगीत करियर लगभग चार दशकों तक फैला रहा। उन्होंने 400 से अधिक फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया और तमिल, तेलुगु, कन्नड़ तथा मलयालम फिल्म उद्योगों में काम किया। उनकी पहचान मुख्य रूप से तमिल सिनेमा के लोकप्रिय संगीतकार के रूप में बनी। उनकी प्रमुख फिल्मों में अन्नामलाई, बाशा, आसै, काधल कोट्टई, नेरुक्कु नेर, वाली और कुशी शामिल हैं।
फिल्म संगीतकार फिल्मों के गीतों के साथ-साथ पृष्ठभूमि संगीत भी तैयार करते हैं। भारतीय सिनेमा में गीत अक्सर कहानी और दृश्यों का हिस्सा होते हैं तथा बाद में साउंडट्रैक के रूप में भी जारी किए जाते हैं। देवा की रचनाओं ने अलग-अलग दौर की तमिल फिल्मों को संगीत दिया और उन्हें दक्षिण भारतीय सिनेमा के कई भाषा-उद्योगों में काम करने का अनुभव मिला।
गाना शैली को लोकप्रिय बनाने में भूमिका
देवा को तमिल सिनेमा में ‘गाना’ शैली को मुख्यधारा तक पहुंचाने के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। गाना चेन्नई से जुड़ी संगीत परंपरा है, जिसमें आम बोलचाल की तमिल भाषा और स्थानीय सांस्कृतिक रंग प्रमुख होते हैं। उनकी लोकप्रिय धुनों और गीतों ने इस शैली को व्यापक फिल्म दर्शकों तक पहुंचाने में योगदान दिया।
देवा को ‘तेनिसै तेंदral’ नाम से भी जाना जाता था, जिसका अर्थ है ‘मधुर संगीत की बयार’। अन्नामलाई और बाशा जैसी फिल्मों का संगीत उनके उल्लेखनीय कामों में गिना जाता है। उनके निधन पर अभिनेता कमल हासन ने श्रद्धांजलि व्यक्त की।
परिवार की संगीत परंपरा
देवा के परिवार के अन्य सदस्य भी फिल्म संगीत जगत से जुड़े हैं। उनके बेटे श्रीकांत देवा संगीतकार हैं, जबकि उनके भाई सबेश और मुरली भी फिल्म-संगीत उद्योग में काम करते हैं। इस तरह देवा की संगीत विरासत उनके परिवार की अगली पीढ़ी तक जारी है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- देवा का पूरा नाम देवनासन चोक्कालिंगम था।
- उन्होंने 400 से अधिक फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया।
- उनका कार्यक्षेत्र तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम सिनेमा तक फैला था।
- ‘तेनिसै तेंदral’ देवा का लोकप्रिय उपनाम था और उनके बेटे श्रीकांत देवा भी संगीतकार हैं।
देवा का निधन दक्षिण भारतीय फिल्म संगीत के एक लंबे और प्रभावशाली अध्याय का अंत है। उनकी रचनाएं और गाना शैली को लोकप्रिय बनाने में उनका योगदान दर्शकों के बीच लंबे समय तक याद किया जाएगा।