एफएसआईबी की कमान एस.सी.एल. दास को, वित्तीय संस्थानों में नियुक्तियों की अहम भूमिका
केंद्र सरकार ने 16 अक्टूबर 2026 को वित्तीय सेवा संस्थान ब्यूरो (एफएसआईबी) का पुनर्गठन करते हुए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एस.सी.एल. दास को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया। उनका तीन वर्ष का कार्यकाल आदेश की अधिसूचना की तारीख से शुरू होगा।
दास का प्रशासनिक अनुभव
दास 1992 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं और एजीएमयूटी संवर्ग से जुड़े रहे हैं। वे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए। 16 अक्टूबर 2026 तक वे दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग के अध्यक्ष भी हैं।
वरिष्ठ नियुक्तियों के लिए सिफारिशी निकाय
एफएसआईबी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, वित्तीय संस्थानों और सरकारी बीमा कंपनियों में वरिष्ठ पदों के लिए उम्मीदवारों की सिफारिश करता है। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पूर्णकालिक निदेशक और गैर-कार्यकारी अध्यक्ष सहित अन्य वरिष्ठ पद शामिल हैं। ब्यूरो की भूमिका सिफारिश तक सीमित है; नियुक्तियां सरकार की निर्धारित प्रक्रिया के तहत होती हैं। यह वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के अधीन काम करता है।
पुनर्गठित ब्यूरो में छह अंशकालिक सदस्य
पुनर्गठित एफएसआईबी में छह अंशकालिक सदस्य शामिल किए गए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों का प्रतिनिधित्व अरिजीत बसु, सतीश काशीनाथ मराठे और रामनाथन सुब्रमणियन करेंगे। सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों की ओर से सिद्धार्थ मोहंती, नीरजा कपूर और टी.एल. अलमेलु सदस्य होंगे।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- बैंक्स बोर्ड ब्यूरो की स्थापना 2016 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रशासन में सुधार और वरिष्ठ नियुक्तियों की सिफारिश के उद्देश्य से हुई थी।
- एफएसआईबी ने 2022 में बैंक्स बोर्ड ब्यूरो का स्थान लिया।
- एजीएमयूटी संवर्ग के नाम में अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं।
- एफएसआईबी की सिफारिशें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, वित्तीय संस्थानों और सरकारी बीमा कंपनियों में वरिष्ठ पदों से संबंधित होती हैं।
एफएसआईबी का पुनर्गठन सरकारी वित्तीय संस्थानों में नेतृत्व चयन की प्रक्रिया को महत्वपूर्ण बनाता है। दास का कार्यकाल अधिसूचना की तारीख से गिना जाएगा, न कि पुनर्गठन की घोषणा की तारीख से।