तमिलनाडु की मुफ्त बस यात्रा योजना का विस्तार, महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को राहत
तमिलनाडु सरकार ने 2 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में अपनी विस्तारित मुफ्त बस यात्रा योजना ‘वेत्री पयणम थित्तम’ शुरू की। यह योजना पहले ‘विदियाल पयणम थित्तम’ के नाम से जानी जाती थी। इसके तहत राज्य परिवहन की चुनिंदा बस सेवाओं में महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को बिना किराया दिए यात्रा की सुविधा मिलेगी।
किसे और किन बसों में मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था का दायरा पहले की तुलना में अधिक व्यापक रखा गया है। इसमें साधारण बसें, एक्सप्रेस बसें, लिमिटेड स्टॉप सर्विस, डीलक्स बसें, नगर निगम और नगर पंचायत क्षेत्रों की बसें, पहाड़ी क्षेत्रों में चलने वाली बसें, अंतर-जिला साधारण उपनगरीय बसें तथा 40 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने वाली बसें शामिल हैं।
योजना की खास बात यह है कि इसमें आय-आधारित पात्रता सीमा नहीं रखी गई है। न ही जाति के आधार पर कोई प्रतिबंध है और न ही एक दिन में यात्राओं की संख्या पर कोई सीमा तय की गई है। लाभ लेने के लिए यात्रियों को वैध आधार कार्ड दिखाकर शून्य-किराया टिकट लेना होगा।
राज्य के परिवहन नेटवर्क पर बड़ा असर
तमिलनाडु सरकार के सात परिवहन निगमों के तहत चलने वाली कुल 12,692 बसें इस योजना के दायरे में लाई गई हैं। सरकार का अनुमान है कि इससे प्रतिदिन लगभग 84 लाख महिलाओं को लाभ मिलेगा और हर दिन 16 लाख से अधिक एकतरफा यात्राएं दर्ज हो सकती हैं।
यह कदम राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में महिला यात्रियों की भागीदारी बढ़ाने और यात्रा लागत कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साथ ही, ट्रांसजेंडर समुदाय को भी इसमें शामिल करना सामाजिक समावेशन की दृष्टि से अहम है।
योजना के क्रियान्वयन से जुड़े पहलू
सरकार ने बस कंडक्टरों की जिम्मेदारियों को लेकर एक वीडियो भी जारी किया है, ताकि योजना का संचालन सुचारु रूप से हो सके। दूसरी ओर, वेल्लोर में 27 सितंबर 2026 को करीब 50 निजी बस मालिकों और संचालकों ने शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराते हुए निजी बसों को भी योजना में शामिल करने की मांग की थी।
इससे स्पष्ट है कि मुफ्त यात्रा योजना केवल सामाजिक कल्याण का विषय नहीं, बल्कि राज्य के परिवहन ढांचे, निजी बस ऑपरेटरों की भूमिका और सार्वजनिक सेवा वितरण से भी जुड़ा मुद्दा बन गई है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- 2 अक्टूबर को भारत में गांधी जयंती मनाई जाती है।
- तमिलनाडु में राज्य सरकार के अधीन सात परिवहन निगम कार्यरत हैं।
- आधार भारत में जारी 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या है।
- शून्य-किराया टिकट व्यवस्था कई सार्वजनिक परिवहन सब्सिडी योजनाओं में उपयोग की जाती है।
तमिलनाडु की यह विस्तारित योजना सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, खासकर उन यात्रियों के लिए जो रोजमर्रा की यात्रा में किराये के बोझ से जूझते हैं।