चेन्नई में एएमडी चिप्स वाला 20 मेगावाट एआई सुपरक्लस्टर
क्लाउड अवसंरचना कंपनी वल्चर ने 22 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में 20 मेगावाट क्षमता वाला कृत्रिम बुद्धिमत्ता सुपरक्लस्टर घोषित किया। तमिलनाडु स्थित इस सुविधा में एएमडी इंस्टिंक्ट एमआई355एक्स ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट का उपयोग होगा। कंपनी ने इसे भारत में एएमडी इंस्टिंक्ट आधारित सबसे बड़ा संस्थापन बताया है।
बड़े एआई मॉडल के प्रशिक्षण के लिए अवसंरचना
सुपरक्लस्टर कंप्यूटिंग संसाधनों का ऐसा समूह होता है, जो अत्यधिक प्रसंस्करण क्षमता वाले कामों को संभालने के लिए बनाया जाता है। चेन्नई की सुविधा एआई प्रयोगशालाओं, बड़े आधारभूत मॉडल विकसित करने वाली टीमों, नई तकनीकी कंपनियों, व्यवसायों तथा शोध और शैक्षणिक संस्थानों के लिए तैयार की जा रही है।
यहां बड़े भाषा मॉडल और आधारभूत मॉडलों का प्रशिक्षण तथा सूक्ष्म समायोजन किया जा सकेगा। प्रशिक्षण में डेटा के माध्यम से मॉडल के मापदंड विकसित किए जाते हैं, जबकि सूक्ष्म समायोजन किसी पहले से प्रशिक्षित मॉडल को अतिरिक्त या किसी खास काम से जुड़े डेटा के आधार पर ढालता है। सुविधा में उच्च गति से अनुमान कार्य भी प्रस्तावित हैं। अनुमान वह प्रक्रिया है जिसमें प्रशिक्षित मॉडल नए इनपुट के आधार पर उत्तर या अन्य परिणाम देता है।
20 मेगावाट का आंकड़ा सुविधा की विद्युत क्षमता बताता है; एक मेगावाट दस लाख वाट के बराबर होता है। यह आंकड़ा सीधे तौर पर कंप्यूटिंग गति का माप नहीं है, बल्कि बड़े पैमाने पर उपकरण चलाने के लिए आवश्यक बिजली क्षमता को दर्शाता है।
एमआई355एक्स और रॉकम सॉफ्टवेयर
एएमडी इंस्टिंक्ट एमआई355एक्स ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट में 288 गीगाबाइट एचबीएम3ई स्मृति और प्रति सेकंड आठ टेराबाइट की स्मृति बैंडविड्थ दी गई है। स्मृति क्षमता बताती है कि एक समय में कितना डेटा रखा जा सकता है, जबकि बैंडविड्थ यह बताती है कि डेटा कितनी तेजी से स्थानांतरित हो सकता है। मशीन लर्निंग जैसे कामों में ग्राफिक्स प्रोसेसर समानांतर रूप से कई गणनाएं करने में सहायक होते हैं।
चेन्नई क्लस्टर में एएमडी का रॉकम खुला सॉफ्टवेयर परिवेश इस्तेमाल होगा। इसमें ग्राफिक्स प्रोसेसर पर आधारित काम विकसित करने और चलाने के लिए सॉफ्टवेयर उपकरण तथा लाइब्रेरी शामिल हैं। वल्चर ने 2027 में क्षमता बढ़ाने की योजना भी बताई है, जिसमें एमआई455एक्स ग्राफिक्स प्रोसेसर और एएमडी हेलिओस रैक-स्तरीय एआई संरचना शामिल होंगे।
स्थानीय डेटा केंद्रों का महत्व
चेन्नई की सुविधा वल्चर के स्प्रिंगफील्ड, ओहायो स्थित प्रमुख एआई सुपरक्लस्टर के अतिरिक्त होगी। भारत में स्थानीय कंप्यूटिंग अवसंरचना उपलब्ध होने से संगठनों को डेटा कहां रखा और संसाधित किया जाए, इस पर अधिक नियंत्रण मिल सकता है। डेटा संप्रभुता का संबंध किसी क्षेत्र में डेटा पर लागू कानूनों से है, जबकि डेटा निवास का अर्थ डेटा के भंडारण या प्रसंस्करण के स्थान से है। स्थानीय व्यवस्था से प्रणालियों के बीच डेटा यात्रा में लगने वाला समय, यानी विलंबता, घटाने में भी मदद मिल सकती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट समानांतर गणनाओं के लिए उपयोगी प्रोसेसर है।
- एचबीएम उच्च बैंडविड्थ वाली स्मृति तकनीक है, जिसका उपयोग कंप्यूटिंग उपकरणों में होता है।
- मशीन लर्निंग में प्रशिक्षण और अनुमान अलग-अलग चरण हैं।
- रॉकम एएमडी का ग्राफिक्स प्रोसेसर आधारित कंप्यूटिंग के लिए खुला सॉफ्टवेयर परिवेश है।
चेन्नई परियोजना भारत में एआई कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने के साथ स्थानीय डेटा प्रसंस्करण के विकल्पों का विस्तार कर सकती है। इसकी वास्तविक उपयोगिता उपलब्ध क्षमता और संस्थानों की मांग पर निर्भर करेगी।