चीन में मिला 23.7 करोड़ वर्ष पुराना समुद्री उभयचर जीवाश्म

चीन में मिला 23.7 करोड़ वर्ष पुराना समुद्री उभयचर जीवाश्म

चीन के गुइझोउ प्रांत में मिले लगभग पूर्ण जीवाश्म कंकालों ने उभयचरों के विकास और उनके आवास को लेकर अहम जानकारी दी है। ये जीवाश्म Gerrothorax maritimus नामक प्राचीन जीव के हैं, जिसे पूरी तरह समुद्री वातावरण में रहने वाला पहला ज्ञात प्रारंभिक उभयचर बताया गया है। यह जीव लगभग 23.7 करोड़ वर्ष पहले, लेट ट्रायसिक काल में रहता था। अध्ययन 26 अक्टूबर 2026 को नेचर इकोलॉजी एंड एवोल्यूशन पत्रिका में प्रकाशित हुआ।

समुद्र में रहने का प्रमाण क्यों अहम है

उभयचर आम तौर पर मीठे पानी या तटीय क्षेत्रों से जुड़े होते हैं। कुछ आधुनिक प्रजातियां खारे और मीठे पानी के मिश्रण वाले लवणमिश्रित वातावरण को सहन कर सकती हैं, लेकिन कोई ज्ञात आधुनिक उभयचर पूरी तरह खारे पानी में नहीं रहता। इसलिए Gerrothorax maritimus का जीवाश्म रिकॉर्ड उभयचरों के समुद्री जीवन का असाधारण प्रमाण प्रस्तुत करता है।

जीवाश्म ऐसे प्राचीन समुद्री निक्षेपों में मिले, जो कभी तट से काफी दूर अपतटीय वातावरण का हिस्सा थे। उनकी स्थिति और संरक्षित अंगों की हड्डियां इस निष्कर्ष का समर्थन करती हैं कि जीव समुद्र में रहता था; संभवतः वह किसी मीठे पानी के आवास से बहकर वहां नहीं पहुंचा था। शोधकर्ताओं ने जीव की शारीरिक बनावट के साथ भूवैज्ञानिक परिवेश और रासायनिक संरचना का भी अध्ययन किया। इसमें स्ट्रॉन्शियम समस्थानिकों के मापन को शामिल किया गया।

समुद्री जीवन के अनुकूल शरीर

यह तल के पास रहने वाला जीव लगभग 737 मिलीमीटर, यानी करीब तीन फुट लंबा था। इसका शरीर चौड़ा और चपटा था तथा मोटे अस्थिमय कवच से ढका रहता था। यह कवच समुद्री शिकारी जीवों, जैसे इच्थियोसॉर, से बचाव में मददगार रहा होगा। इच्थियोसॉर मेसोजोइक महाकल्प के समुद्री सरीसृप थे—वे न मछलियां थे, न उभयचर।

जीव में आंतरिक गलफड़े और समुद्री वातावरण से जुड़ी अन्य शारीरिक विशेषताएं थीं। ये लवण और पानी का संतुलन बनाए रखने में सहायक रही होंगी। माना जाता है कि यह समुद्र तल के पास छोटे शिकार को मुंह से खींचकर पकड़ता था। हालांकि, इसके भोजन और व्यवहार के कुछ पहलुओं को जीवाश्मों के आधार पर अनुमान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

जीवाश्म अध्ययन और शोध दल

यह खोज प्रारंभिक उभयचरों के बारे में प्रचलित समझ को व्यापक बनाती है। शोध में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, डेविस; पेकिंग विश्वविद्यालय और गुइझोउ भूवैज्ञानिक संग्रहालय के वैज्ञानिक शामिल थे। लिपिन डियाओ अध्ययन के प्रथम लेखक थे, जबकि कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, डेविस के जीवाश्म विज्ञानी रयोसुके मोटानी संबंधित लेखक थे। वैज्ञानिकों ने जीवाश्मों की आकृति, मिलने के स्थान और रासायनिक संकेतों को एक साथ देखकर उसके समुद्री आवास का आकलन किया।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • लेट ट्रायसिक काल लगभग 23.7 करोड़ से 20.1 करोड़ वर्ष पहले तक माना जाता है।
  • मेसोजोइक महाकल्प के तीन काल ट्रायसिक, जुरासिक और क्रेटेशियस हैं।
  • इच्थियोसॉर समुद्री सरीसृप थे, मछलियां या उभयचर नहीं।
  • स्ट्रॉन्शियम समस्थानिकों का उपयोग भूविज्ञान और जीवाश्म विज्ञान के शोध में किया जाता है।

गुइझोउ के ये जीवाश्म दिखाते हैं कि उभयचरों के शुरुआती विकासक्रम में समुद्री आवास का एक महत्वपूर्ण, अब तक दुर्लभ प्रमाण मौजूद है।

Originally written on October 28, 2026 and last modified on October 28, 2026.

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