चीन की गुफा में मिली बिना आंखों वाली मीठे पानी की घोंघा प्रजाति
चीन के युन्नान प्रांत के युक्सी शहर में मीठे पानी की गुफा में रहने वाले घोंघे की एक नई प्रजाति की पहचान की गई है। एरहाइया दिजियांग नाम की इस प्रजाति को चीन में दर्ज पहली मीठे पानी की गुफा-घोंघा प्रजाति बताया गया है। यह समुद्र तल से 2,062 मीटर की ऊंचाई पर मिली, जो इसके कुल एरहाइडी परिवार के किसी गुफा-घोंघे के लिए अब तक दर्ज सबसे अधिक ऊंचाई है। इसका विवरण 2026 में शोध-पत्रिका ‘सबटरेनियन बायोलॉजी’ में प्रकाशित हुआ।
गुफा के अंधेरे में ढला जीवन
एरहाइया दिजियांग मीठे पानी के घोंघों के एरहाइडी परिवार और गैस्ट्रोपोड समूह से संबंधित है। इसे गुफा-निवासी जीव यानी ट्रोग्लोबायंट माना गया है—ऐसा जीव जो भूमिगत आवास, जैसे गुफाओं, में रहने के लिए अनुकूलित हो। इस प्रजाति की आंखें कार्यशील नहीं हैं और शरीर में रंगद्रव्य भी नहीं पाया गया। अंधेरे में रहने वाले जीवों में ये लक्षण आम तौर पर देखे जाते हैं। इसका खोल शंकु के आकार का और लगभग पारदर्शी है, जबकि इसके स्पर्शक लंबे और पतले हैं।
प्रयोगशाला में प्रकाश पड़ने पर ये घोंघे चट्टानों के नीचे या अंधेरी जगहों में छिपने लगे। इस व्यवहार से प्रकाश के प्रति उनकी तीव्र संवेदनशीलता का संकेत मिलता है। प्रजाति के नाम का दूसरा भाग ‘दिजियांग’ प्राचीन चीनी ग्रंथ ‘क्लासिक ऑफ माउंटेन्स एंड सीज़’ में वर्णित एक मुखहीन पर्वतीय देवता के नाम से लिया गया है।
उथले पानी और चट्टानों के बीच आवास
यह प्रजाति गुफा के भीतर एक मीटर से कम गहरे पानी में डूबे हुए कंकड़ों और टूटी चट्टानों के बीच रहती है। वहां पानी का तापमान लगभग 20 डिग्री सेल्सियस बना रहता है। शोधकर्ताओं ने घोंघों को गुफा के प्रवेश-द्वार से दो मीटर के दायरे में पाया; आसपास की धाराओं में वे नहीं मिले। मौसमी बारिश के बाद कुछ घोंघे गुफा के मुहाने से बाहर बहकर आए, फिर भी उन्हें पास की धाराओं में नहीं देखा गया।
इसका भोजन डायटम हैं—चट्टानों की सतह पर उगने वाले सूक्ष्म शैवाल। डायटम मीठे पानी और समुद्री, दोनों तरह के वातावरण में पाए जाते हैं और जलीय खाद्य-जाल का हिस्सा हैं। वे प्रकाश-संश्लेषण करते हैं, इसलिए पानी में रहने वाले कई जीवों के लिए भोजन-श्रृंखला का आधार बन सकते हैं।
कम नमूनों के कारण संरक्षण स्थिति स्पष्ट नहीं
अगस्त 2025 में हुई पहली क्षेत्रीय जांच में केवल तीन जीवित वयस्क घोंघे और एक खाली खोल मिला। कोई किशोर घोंघा नहीं मिला। नमूनों की यह कम संख्या और गुफा तक सीमित आवास इसकी कुल आबादी का अनुमान लगाना कठिन बनाते हैं। इसलिए प्रजाति की दीर्घकालीन स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे किसी विशेष संरक्षण श्रेणी में रखना उचित नहीं होगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ट्रोग्लोबायंट वे जीव हैं जो गुफाओं जैसे भूमिगत आवासों में रहने के लिए अनुकूलित होते हैं।
- एरहाइया दिजियांग का वर्गीकरण एरहाइडी परिवार में किया गया है।
- डायटम सूक्ष्म शैवाल हैं, जिनकी कोशिका-भित्ति में सिलिका होती है।
- इस नई प्रजाति का विवरण ‘सबटरेनियन बायोलॉजी’ में प्रकाशित हुआ।
यह खोज गुफाओं के विशिष्ट पारिस्थितिकी तंत्र और वहां रहने वाली सीमित-आवास वाली प्रजातियों के अध्ययन का महत्व रेखांकित करती है। आगे के सर्वेक्षण से इसकी आबादी और संरक्षण संबंधी जरूरतों को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।