चिन्मय सुतार का 400 रन का ऐतिहासिक कमाल
मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने रणजी ट्रॉफी 2026–27 के प्लेट डिवीजन मुकाबले में नागालैंड के खिलाफ नाबाद 400 रन बनाकर घरेलू क्रिकेट में नया इतिहास रचा। 19 अक्टूबर 2026 को सोविमा स्थित नागालैंड क्रिकेट स्टेडियम में खेली गई इस पारी के बाद मिजोरम ने 581 रन पर नौ विकेट खोकर अपनी पारी घोषित की।
रणजी ट्रॉफी में दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर
सुतार रणजी ट्रॉफी के इतिहास में 400 या उससे अधिक रन बनाने वाले केवल दूसरे बल्लेबाज बने। उनका नाबाद 400 रन का स्कोर प्रतियोगिता का दूसरा सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। इस सूची में उनसे आगे महाराष्ट्र के बी.बी. निंबालकर हैं, जिन्होंने 1948–49 सत्र में काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे।
सुतार की पारी ने पृथ्वी शॉ के 379 रन के स्कोर को पीछे छोड़ दिया। निंबालकर का 443 रन का रिकॉर्ड अब भी कायम है। सुतार का प्रदर्शन इसलिए भी उल्लेखनीय है कि रणजी ट्रॉफी में 400 रन का आंकड़ा पार करना बेहद दुर्लभ उपलब्धि रही है।
517 गेंदों में पूरी की यादगार पारी
29 वर्षीय सुतार ने 517 गेंदों का सामना करते हुए 46 चौके और सात छक्के लगाए। मिजोरम की पारी घोषित होने तक वह क्रीज पर मौजूद थे। वह पहले मुंबई का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और इस मुकाबले में अतिथि खिलाड़ी के रूप में मिजोरम की ओर से खेले। यह उनका प्रथम श्रेणी क्रिकेट का दूसरा मैच था।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट बहुदिवसीय प्रारूप है, जिसमें प्रत्येक टीम को दो पारियां खेलने का अवसर मिलता है। ऐसे प्रारूप में लंबी पारी खेलना धैर्य, एकाग्रता और लगातार रन बनाने की क्षमता की परीक्षा होता है। सुतार ने अपने दूसरे ही प्रथम श्रेणी मैच में यह उपलब्धि हासिल कर अपने प्रदर्शन को खास बना दिया।
रणजी ट्रॉफी का महत्व
रणजी ट्रॉफी भारत की घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट प्रतियोगिता है और इसका आयोजन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड करता है। प्रतियोगिता का नाम भारतीय क्रिकेटर रणजीतसिंहजी के नाम पर रखा गया है। इसका पहला सत्र 1934–35 में आयोजित हुआ था। यह टूर्नामेंट देश के विभिन्न क्षेत्रों की टीमों को लंबी अवधि के क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा का मंच देता है।
रिकॉर्ड के संदर्भ में सुतार की पारी
सुतार का 400 रन का स्कोर पुराने रिकॉर्ड से 43 रन कम है, लेकिन यह रणजी ट्रॉफी के इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी है। मिजोरम की ओर से खेलते हुए इस मुकाम तक पहुंचना उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ टीम के लिए भी बड़ी पारी रही।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- बी.बी. निंबालकर का नाबाद 443 रन रणजी ट्रॉफी का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है।
- चिन्मय सुतार ने 2026–27 के प्लेट डिवीजन में नागालैंड के खिलाफ नाबाद 400 रन बनाए।
- सुतार ने 517 गेंदों में 46 चौके और सात छक्के लगाए।
- रणजी ट्रॉफी का पहला सत्र 1934–35 में हुआ और प्रतियोगिता का आयोजन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड करता है।
सुतार की पारी ने रणजी ट्रॉफी के रिकॉर्ड में नया अध्याय जोड़ा है। उनका नाबाद 400 रन का स्कोर अब प्रतियोगिता की ऐतिहासिक व्यक्तिगत पारियों में दूसरे स्थान पर दर्ज है।