ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ा, ग्रामीण सुरक्षा को मिलेगा सहारा
उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम प्रहरियों का मासिक मानदेय 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 अक्टूबर 2026 को बरेली पुलिस लाइन्स में आयोजित सम्मान समारोह में यह घोषणा की। ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का नकदरहित इलाज भी मिलेगा।
मानदेय में 40 प्रतिशत की वृद्धि
मानदेय में 1,000 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की गई है, जो पहले की राशि से 40 प्रतिशत अधिक है। इससे पहले वर्ष 2019 में मानदेय 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये किया गया था। राज्य में लगभग 68,000 ग्राम प्रहरी इस फैसले से लाभान्वित हो सकते हैं।
सरकार ने ग्राम प्रहरियों को मोबाइल फोन देने की भी घोषणा की है। इसका उद्देश्य गांवों में सुरक्षा से जुड़ी सूचनाओं के आदान-प्रदान और पुलिस के साथ संपर्क को सुगम बनाना है।
ग्रामीण पुलिस व्यवस्था में ग्राम प्रहरियों की भूमिका
ग्राम प्रहरी गांवों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की सहायता करते हैं। वे स्थानीय घटनाक्रम पर नजर रखते हैं और महत्वपूर्ण सूचनाएं पुलिस तक पहुंचाते हैं। गांवों में उनकी मौजूदगी ग्रामीण समुदाय और पुलिस के बीच संपर्क-सूत्र का काम करती है। इसी भूमिका के कारण उन्हें उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की ‘आंख-कान’ के रूप में देखा जाता है।
मोबाइल फोन की सुविधा से सूचना पहुंचाने और पुलिस के साथ समन्वय में मदद मिलने की उम्मीद है। इस तरह मानदेय वृद्धि के साथ घोषित सुविधाएं ग्राम प्रहरियों की आर्थिक सुरक्षा और कार्य-संबंधी संपर्क, दोनों को मजबूत करने पर केंद्रित हैं।
राज्य के खर्च पर अनुमानित असर
मानदेय बढ़ाने से उत्तर प्रदेश सरकार के खर्च में करीब 7 करोड़ रुपये प्रतिमाह की वृद्धि का अनुमान है। यह अतिरिक्त व्यय सालाना लगभग 84 करोड़ रुपये बैठता है। यह अनुमान करीब 68,000 लाभार्थियों को हर महीने 1,000 रुपये अतिरिक्त देने के आधार पर है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ग्राम प्रहरियों का नया मासिक मानदेय 3,500 रुपये है; पहले यह 2,500 रुपये था।
- मानदेय में इससे पिछली वृद्धि वर्ष 2019 में हुई थी।
- ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों के लिए नकदरहित इलाज की सीमा सालाना 5 लाख रुपये है।
- घोषणाएं 13 अक्टूबर 2026 को बरेली पुलिस लाइन्स में आयोजित सम्मान समारोह में की गईं।
मानदेय वृद्धि और चिकित्सा सुरक्षा से ग्राम प्रहरियों को सीधा लाभ मिलेगा, जबकि मोबाइल फोन ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस तक सूचनाएं पहुंचाने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बना सकते हैं।