गुजरात की किसान रजिस्ट्री से कृषि सेवाओं में डिजिटल बदलाव
गुजरात में किसान रजिस्ट्री के तहत 23 सितंबर 2026 तक 63.35 लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है। यह व्यवस्था आधार-आधारित पहचान को सत्यापित भूमि रिकॉर्ड से जोड़ती है और भारत की डिजिटल कृषि रूपरेखा का हिस्सा है। इसका उद्देश्य किसानों की पहचान, पात्रता और सेवाओं की उपलब्धता को एक ही डिजिटल रिकॉर्ड में समेटना है।
किसान रजिस्ट्री क्या है और यह कैसे काम करती है
किसान रजिस्ट्री के जरिए पात्र किसानों को यूनिक फार्मर आईडी दी जाती है। यह आईडी किसान की डिजिटल पहचान को उसकी भूमि से जुड़े सत्यापित रिकॉर्ड के साथ जोड़ती है। इससे कृषि योजनाओं में लाभार्थी की पहचान आसान होती है और बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम होती है।
आधार भारत में 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या है, जबकि भूमि रिकॉर्ड राज्य के राजस्व विभागों के पास होते हैं। इन दोनों को जोड़ने से खेती, स्वामित्व, किरायेदारी और पात्रता से जुड़े सत्यापन अधिक व्यवस्थित हो जाते हैं।
डिजिटल कृषि मिशन और एग्रीस्टैक की भूमिका
यह पहल केंद्र सरकार के डिजिटल कृषि मिशन और एग्रीस्टैक ढांचे से जुड़ी है। एग्रीस्टैक एक डिजिटल आर्किटेक्चर है, जो किसान डेटा, भूमि रिकॉर्ड और सेवा वितरण प्रणालियों को एक साथ जोड़ता है। इसका लक्ष्य कृषि सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और डेटा-आधारित बनाना है।
इस ढांचे के जरिए डिजिटल फसल सर्वे, बीज और उर्वरक प्रणालियों तथा कृषि ऋण सेवाओं को बेहतर समर्थन मिलता है। साथ ही, किसान डेटा को विभिन्न सरकारी योजनाओं के डेटाबेस से जोड़कर सार्वजनिक सेवा वितरण को अधिक सटीक बनाया जा सकता है।
योजनाओं के लाभार्थी सत्यापन में कैसे मदद मिलेगी
किसान रजिस्ट्री का एक प्रमुख लाभ यह है कि इससे व्यक्तिगत, भूमि और पात्रता संबंधी दस्तावेजों की पुनरावृत्ति कम होती है। इससे पीएम-किसान, किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि ऋण और प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत खरीद जैसी प्रक्रियाओं में सत्यापन तेज हो सकता है।
पीएम-किसान एक केंद्रीय क्षेत्रीय योजना है, जिसके तहत पात्र किसान परिवारों को आय सहायता दी जाती है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना किसानों को कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए अल्पकालिक ऋण उपलब्ध कराती है। प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत सरकार समर्थन मूल्य पर कृषि उपज की खरीद करती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- 23 सितंबर 2026 तक गुजरात में किसान रजिस्ट्री के तहत 63.35 लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण हुआ।
- किसान रजिस्ट्री आधार-आधारित पहचान को सत्यापित भूमि रिकॉर्ड से जोड़ती है।
- एग्रीस्टैक भारत की डिजिटल कृषि व्यवस्था का हिस्सा है, जो किसान डेटा और सेवा वितरण को जोड़ता है।
- भारत में भूमि रिकॉर्ड राज्य सरकारों के राजस्व विभागों के पास रखे जाते हैं।
कुल मिलाकर, गुजरात की यह पहल कृषि प्रशासन को डिजिटल, पारदर्शी और अधिक लक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। किसान पहचान और भूमि सत्यापन के एकीकृत मॉडल से भविष्य में योजनाओं के क्रियान्वयन में गति और सटीकता दोनों बढ़ने की संभावना है।