क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंध के खिलाफ भारत का समर्थन

क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंध के खिलाफ भारत का समर्थन

संयुक्त राष्ट्र महासभा में क्यूबा पर अमेरिकी व्यापार प्रतिबंध समाप्त करने की मांग वाले प्रस्ताव के पक्ष में भारत ने मतदान किया। 29 अक्टूबर 2026 को हुए मतदान में प्रस्ताव को 130 देशों का समर्थन मिला, जबकि 17 ने विरोध किया और 25 देश मतदान से अनुपस्थित रहे। समर्थन का यह आंकड़ा 1995 के बाद इस तरह के प्रस्ताव के लिए सबसे कम रहा।

महासभा में क्या हुआ

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सदस्य देशों से क्यूबा पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध को समाप्त करने की अपील की। भारत उन 130 देशों में शामिल था जिन्होंने प्रस्ताव के पक्ष में मत दिया। इस विषय पर महासभा 1992 से लगभग हर वर्ष प्रस्ताव पारित करती रही है; 2020 में ऐसा प्रस्ताव नहीं अपनाया गया था।

महासभा संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख विचार-विमर्श और प्रतिनिधित्व करने वाला निकाय है। इसके सभी 193 सदस्य देशों को एक-एक मत प्राप्त है। हालांकि, महासभा के प्रस्ताव सामान्यतः सिफारिश होते हैं, अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत बाध्यकारी नियम नहीं। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 10 के अनुसार, महासभा चार्टर के दायरे में आने वाले विषयों पर चर्चा कर सकती है और सदस्य देशों या सुरक्षा परिषद को सिफारिशें दे सकती है।

भारत ने संप्रभुता का मुद्दा उठाया

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने कहा कि भारत ऐसे कानूनों का विरोध करता है जिनका प्रभाव दूसरे देशों की सीमाओं के बाहर तक जाता है और जो उनकी संप्रभुता को नुकसान पहुंचाते हैं। क्यूबा से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंधों के कुछ प्रावधान तीसरे देशों की उन संस्थाओं को भी प्रभावित कर सकते हैं, जो क्यूबा से जुड़े कारोबार में शामिल हों। भारत का रुख इसी व्यापक सिद्धांत से जुड़ा है कि किसी देश के घरेलू कानूनों का दूसरे देशों पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ना चाहिए।

छह दशक से जारी प्रतिबंध और क्यूबा पर असर

अमेरिका ने 1960 में क्यूबा पर व्यापारिक पाबंदियां लगानी शुरू कीं। क्यूबा क्रांति और अमेरिकी स्वामित्व वाली संपत्तियों के राष्ट्रीयकरण के बाद 1962 में व्यापक प्रतिबंध लागू किए गए। इनमें व्यापार और आर्थिक लेन-देन पर रोक शामिल है। 2015 से 2017 के बीच दोनों देशों के संबंधों में सुधार के दौरान कुछ पाबंदियां ढीली हुईं, लेकिन बाद में उन्हें फिर कड़ा किया गया।

भारत ने महासभा में कहा कि क्यूबा में आवश्यक दवाओं की 60 प्रतिशत से अधिक कमी है और पिछले पांच वर्षों में खाद्य उत्पादन 50 प्रतिशत से ज्यादा घटा है। भारत ने ईंधन की आपूर्ति में बाधा के साथ स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, जलापूर्ति, खाद्य वितरण और परिवहन पर पड़ने वाले असर का भी उल्लेख किया। 27 अक्टूबर को क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पारिला ने महासभा में अमेरिकी प्रतिनिधि माइक वॉल्ट्ज का सामना किया। अगले दिन अमेरिका ने एक अमेरिकी राजनयिक के साथ कथित शारीरिक झड़प के आरोप में क्यूबा के संयुक्त राष्ट्र मिशन के प्रथम सचिव रिचर्ड तुर दे ला कॉन्सेप्सियोन को निष्कासित किया।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • संयुक्त राष्ट्र की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को उसके चार्टर के लागू होने के बाद हुई थी।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा में 193 सदस्य देश हैं और प्रत्येक को एक मत मिलता है।
  • अमेरिका ने 1960 में क्यूबा पर व्यापारिक प्रतिबंध शुरू किए और 1962 में उन्हें व्यापक रूप दिया।
  • 2026 के प्रस्ताव पर 130 देशों ने समर्थन दिया, 17 ने विरोध किया और 25 देश मतदान से अनुपस्थित रहे।

मतदान का परिणाम यह दिखाता है कि प्रतिबंधों के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समर्थन पहले की तुलना में घटा है, लेकिन महासभा की अपील अपने-आप में अमेरिकी नीति को बाध्यकारी ढंग से नहीं बदलती।

Originally written on October 29, 2026 and last modified on October 29, 2026.

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