कृषि अनुसंधान में भारत की भूमिका को नई मजबूती देगा आईसीएआर–सीजीआईएआर सप्ताह

कृषि अनुसंधान में भारत की भूमिका को नई मजबूती देगा आईसीएआर–सीजीआईएआर सप्ताह

भारत 12 से 17 अप्रैल 2027 तक नई दिल्ली में आईसीएआर–सीजीआईएआर विज्ञान एवं साझेदारी सप्ताह की मेजबानी करेगा। यशोभूमि में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की मेजबानी अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय फसल अनुसंधान संस्थान (आईसीआरआईसैट) करेगा।

कृषि विज्ञान और साझेदारी का साझा मंच

इस सप्ताह का आयोजन अंतरराष्ट्रीय कृषि अनुसंधान परामर्श समूह (सीजीआईएआर) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) संयुक्त रूप से करेंगे। आईसीएआर, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के अंतर्गत कृषि अनुसंधान और शिक्षा से जुड़ी स्वायत्त संस्था है। इस आयोजन में शोधकर्ताओं, किसानों, सरकारों, स्टार्ट-अप और व्यवसाय जगत के प्रतिनिधियों सहित 5,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

कार्यक्रम का उद्देश्य खाद्य, भूमि और जल प्रणालियों से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए विज्ञान, नवाचार और विभिन्न पक्षों के सहयोग को एक मंच पर लाना है। आयोजकों के अनुसार, पूरा कार्यक्रम नवंबर 2026 में जारी होने की उम्मीद है और पंजीकरण शुरू हो चुका है।

जलवायु-सक्षम खेती और टिकाऊ संसाधनों पर जोर

चर्चा के प्रमुख विषयों में जलवायु-सक्षम और डिजिटल कृषि, एग्रीस्टैक, कृषि मशीनीकरण, मोटे अनाज, प्राकृतिक खेती और टिकाऊ कृषि पद्धतियां शामिल हैं। जल प्रबंधन और मृदा स्वास्थ्य भी एजेंडे का हिस्सा होंगे। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच साझेदारी को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

इन विषयों का संबंध खेती की उत्पादकता के साथ-साथ भूमि और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग से है। डिजिटल साधनों और मशीनीकरण पर विमर्श किसानों तक उपयोगी तकनीक पहुंचाने के प्रयासों को गति दे सकता है, जबकि मृदा स्वास्थ्य और जल प्रबंधन पर चर्चा टिकाऊ कृषि प्रणालियों के लिए प्रासंगिक होगी।

भारत–सीजीआईएआर सहयोग का अंतरराष्ट्रीय आयाम

आयोजन में अंतरराष्ट्रीय कृषि अनुसंधान सहयोग और दक्षिण-दक्षिण सहयोग पर जोर रहेगा। इसके तहत भारतीय कृषि नवाचारों को अफ्रीकी देशों के साथ साझा करने की संभावना भी चर्चा में होगी। कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट तथा सीजीआईएआर की कार्यकारी प्रबंध निदेशक डॉ. इस्माहाने एलौफी ने भारत और सीजीआईएआर के बीच पांच दशक से अधिक पुराने सहयोग का उल्लेख किया है।

भारत में आयोजित यह सप्ताह कृषि विज्ञान से जुड़े संस्थानों, किसानों और कारोबार जगत के बीच संवाद बढ़ाने का अवसर देगा। इसका केंद्र कृषि चुनौतियों के लिए साझा अनुसंधान और व्यावहारिक सहयोग रहेगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • आईसीएआर भारत में कृषि शिक्षा और अनुसंधान का समन्वय करने वाली स्वायत्त संस्था है और कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के अंतर्गत आता है।
  • सीजीआईएआर के ‘वन सीजीआईएआर’ सुधार में एकीकृत शासन और प्रबंधन के लिए पुनर्गठित प्रणाली प्रबंधन बोर्ड तथा नई कार्यकारी प्रबंधन टीम शामिल है।
  • सीजीआईएआर के अनुसंधान कार्यक्षेत्र में प्रणालीगत परिवर्तन, लचीली कृषि-खाद्य प्रणालियां और आनुवंशिक नवाचार प्रमुख क्षेत्र हैं।
  • आईसीआरआईसैट बुनियादी विज्ञान को अनुप्रयुक्त अनुसंधान से जोड़कर नवाचारों को आगे बढ़ाता है और इसमें पर्यावरण, नीति, विपणन तथा सामाजिक-आर्थिक पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाता है।
Originally written on October 31, 2026 and last modified on October 31, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *