कापरा झील के पुनर्जीवन को किसानों से मिली 70 एकड़ भूमि

कापरा झील के पुनर्जीवन को किसानों से मिली 70 एकड़ भूमि

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित कापरा झील के पुनर्जीवन कार्य को स्थानीय किसानों के सहयोग से गति मिली है। 14 अक्टूबर 2026 को किसानों ने झील के पूर्ण जलस्तर क्षेत्र के भीतर आने वाली 70 एकड़ भूमि परियोजना के लिए स्वेच्छा से सौंप दी। हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया एवं संपत्ति संरक्षण एजेंसी (एचवाईडीआरएए) इस काम पर करीब 35 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।

झील के जलस्तर क्षेत्र में शामिल है भूमि

कापरा झील का पूर्ण जलस्तर क्षेत्र 112.80 एकड़ है। पूर्ण जलस्तर यानी वह निर्धारित अधिकतम स्तर, जिस तक झील में पानी भरने पर उसका फैलाव होता है। किसानों द्वारा दी गई 70 एकड़ भूमि इसी सीमा के भीतर आती है। एचवाईडीआरएए आयुक्त ए. वी. रंगनाथ को किसानों ने 14 अक्टूबर को सहमति-पत्र सौंपे।

यह भूमि उपलब्ध होने से झील के पुनर्जीवन और उसके आसपास के क्षेत्र के विकास में मदद मिलने की उम्मीद है। परियोजना का करीब 60 प्रतिशत काम उस तारीख तक पूरा हो चुका था। कापरा झील हैदराबाद में जल निकायों के पुनरुद्धार कार्यक्रम के दूसरे चरण में शामिल 14 झीलों में से एक है।

बाढ़ नियंत्रण और भूजल पुनर्भरण पर जोर

परियोजना में गाद निकालने के साथ झील की जलधारण क्षमता और प्राकृतिक पारिस्थितिकी को बेहतर बनाने के काम शामिल हैं। झीलों में पानी का भंडारण तेज बारिश के दौरान आसपास के इलाकों में बाढ़ का जोखिम घटाने में सहायक हो सकता है। सतह पर जमा पानी का जमीन के भीतर रिसना भूजल भंडार को फिर से भरने में मदद करता है; कापरा झील योजना में भूजल पुनर्भरण भी एक घोषित उद्देश्य है।

आर्द्रभूमि वे क्षेत्र हैं जहां मिट्टी स्थायी रूप से या मौसम के अनुसार पानी से ढकी अथवा संतृप्त रहती है। ऐसी जगहें पानी संचित करने और जलीय पौधों तथा जीवों को आवास देने में महत्वपूर्ण होती हैं। गाद हटाने और प्रदूषकों के प्राकृतिक छनाव को बढ़ावा देने के उपाय झील के जल-पर्यावरण को सहारा देने के लिए योजना का हिस्सा हैं।

प्रवासी पक्षियों और जलीय जीवन का आवास

कापरा झील 470 से अधिक प्रजातियों के प्रवासी पक्षियों का आवास मानी जाती है। इनमें ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अन्य क्षेत्रों से आने वाले पक्षी शामिल हैं। पुनर्जीवन योजना में मछलियों, पक्षियों, उभयचरों और अन्य जलीय जीवों के लिए आवास तैयार करने तथा झील के पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने पर भी ध्यान दिया गया है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • कापरा झील तेलंगाना के उत्तर-पूर्वी हैदराबाद में स्थित है।
  • झील का पूर्ण जलस्तर क्षेत्र 112.80 एकड़ है।
  • एचवाईडीआरएए के दूसरे चरण में हैदराबाद की 14 झीलों का पुनरुद्धार किया जा रहा है।
  • कापरा झील 470 से अधिक प्रजातियों के प्रवासी पक्षियों का आवास है।

कापरा झील की बहाली शहरी जल निकायों को बाढ़ जोखिम घटाने, भूजल पुनर्भरण और जैव विविधता के संरक्षण से जोड़ती है। किसानों की ओर से भूमि का स्वैच्छिक हस्तांतरण इस पहल के लिए महत्वपूर्ण सहयोग है।

Originally written on October 15, 2026 and last modified on October 15, 2026.

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