कांडला पोर्ट पर भारत की पहली ई-मिथेनॉल इकाई से हरित समुद्री ईंधन को बढ़ावा
गुजरात के कांडला स्थित दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी में भारत की पहली पोर्ट-आधारित ई-मिथेनॉल उत्पादन सुविधा विकसित की जा रही है। यह परियोजना समुद्री परिवहन के लिए स्वच्छ ईंधन विकल्पों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, क्योंकि इससे जहाजों के लिए हरित ईंधन की आपूर्ति और बंकरिंग ढांचे को मजबूती मिलेगी।
परियोजना की संरचना और निवेश
यह परियोजना दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी और असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड की संयुक्त पहल है। इसमें दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी की 76 प्रतिशत और असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड की 24 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। कुल निवेश लगभग 2,300 करोड़ रुपये तय किया गया है और इसकी कुल उत्पादन क्षमता 150 टन प्रतिदिन होगी।
परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 50 टन प्रतिदिन की इकाई स्थापित की जाएगी, जिस पर करीब 1,200 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। दूसरे चरण में 100 टन प्रतिदिन की अतिरिक्त क्षमता जोड़ी जाएगी, जिसकी लागत लगभग 1,100 करोड़ रुपये होगी और इसे मार्च 2027 तक पूरा करने की योजना है।
ई-मिथेनॉल क्यों अहम है
ई-मिथेनॉल मिथेनॉल का एक कृत्रिम रूप है, जिसे नवीकरणीय बिजली, पानी और जैविक स्रोतों से प्राप्त कार्बन डाइऑक्साइड की मदद से तैयार किया जाता है। मिथेनॉल का रासायनिक सूत्र CH3OH है और इसका उपयोग औद्योगिक कच्चे माल, रसायनों तथा समुद्री ईंधन के रूप में किया जाता है।
समुद्री क्षेत्र में ग्रीन मिथेनॉल को वैकल्पिक ईंधन के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों की तुलना में स्वच्छ विकल्प प्रदान कर सकता है। विशेष रूप से भारी परिवहन और शिपिंग सेक्टर में ऐसे ईंधनों की मांग बढ़ रही है।
समुद्री गलियारे और पोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर पर असर
दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी भारत के प्रमुख बंदरगाहों में शामिल है और कांडला, गुजरात में स्थित है। पोर्ट-आधारित ईंधन सुविधाएं जहाजों के लिए बंकरिंग, भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ी होती हैं। इस परियोजना से एशिया-यूरोप अंतरराष्ट्रीय व्यापार गलियारे पर चलने वाले जहाजों को ई-मिथेनॉल की आपूर्ति की योजना है।
यह पहल भारत के बंदरगाहों को केवल माल ढुलाई केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि हरित ईंधन आपूर्ति के उभरते केंद्र के रूप में भी स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी गुजरात के कांडला में स्थित भारत के प्रमुख बंदरगाहों में से एक है।
- असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड भारत की एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है, जो पेट्रोकेमिकल उत्पादन से जुड़ी है।
- मिथेनॉल एक एक-कार्बन अल्कोहल है, जिसका उपयोग रसायन, ईंधन और औद्योगिक प्रक्रियाओं में होता है।
- भारत ने 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है।
समुद्री परिवहन में स्वच्छ ईंधन की ओर यह कदम भारत की हरित ऊर्जा रणनीति को आगे बढ़ाता है। कांडला की यह परियोजना भविष्य में बंदरगाह-आधारित ईंधन अवसंरचना के लिए एक मॉडल बन सकती है।