एशियाई पैरा खेलों में नितेश और नवीन को बैडमिंटन स्वर्ण
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में भारत के नितेश कुमार और नवीन शिवकुमार ने पुरुष एकल बैडमिंटन में स्वर्ण पदक जीते। 23 अक्टूबर 2026 को हुए फाइनल मुकाबलों में नितेश ने एसएल3 वर्ग और नवीन ने एसएल4 वर्ग का खिताब अपने नाम किया। भारत ने इसी दिन महिला एकल के दो वर्गों में रजत पदक भी हासिल किए।
एसएल3 और एसएल4 फाइनल में भारत का दबदबा
एसएल3 फाइनल में नितेश कुमार ने भारत के ही प्रमोद भगत को 21-18, 21-16 से हराया। भगत इससे पहले 2018 और 2022 के एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण जीत चुके हैं। इस बार उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। एसएल4 के फाइनल में नवीन शिवकुमार ने इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान को 21-9, 21-17 से पराजित किया। इन जीतों से भारत को पुरुष एकल के दोनों खड़े होकर खेलने वाले वर्गों में स्वर्ण मिला।
पैरा-बैडमिंटन वर्गीकरण क्यों अहम है?
पैरा-बैडमिंटन में खिलाड़ियों को उनकी दिव्यांगता और उससे खेल की गति तथा मैदान पर उनकी गतिविधियों पर पड़ने वाले प्रभाव के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। एसएल3 और एसएल4 निचले अंगों से जुड़ी दिव्यांगता वाले खिलाड़ियों के खड़े होकर खेलने के वर्ग हैं। एसएल3 में खिलाड़ी आधे बैडमिंटन कोर्ट पर खेलते हैं, जबकि एसएल4 के खिलाड़ी पूरे कोर्ट का उपयोग करते हैं। एसएल4 में निचले अंगों से जुड़ी दिव्यांगता का प्रभाव एसएल3 की तुलना में कम होता है।
इस खेल में व्हीलचेयर खिलाड़ियों के लिए डब्ल्यूएच1 और डब्ल्यूएच2 वर्ग हैं। एसयू5 ऊपरी अंगों से जुड़ी दिव्यांगता वाले खिलाड़ियों का वर्ग है, जबकि एसएच6 कम कद वाले खिलाड़ियों के लिए है। एसयू5 और एसएच6, एसएल वर्गों के उपवर्ग नहीं, बल्कि अलग खेल वर्ग हैं। इन श्रेणियों का उद्देश्य खिलाड़ियों को समान परिस्थितियों में प्रतिस्पर्धा का अवसर देना है।
भारत की पदक स्थिति और खेल का महत्व
23 अक्टूबर 2026 तक भारत ने एशियाई पैरा खेलों में 24 स्वर्ण, 32 रजत और 42 कांस्य सहित कुल 98 पदक जीते थे। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर था। महिला एकल में थुलासिमथि मुरुगेसन ने एसयू5 वर्ग और नित्या श्री सुमति सिवन ने एसएच6 वर्ग में रजत पदक हासिल किए।
एशियाई पैरा खेल एशिया के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए आयोजित बहु-खेल प्रतियोगिता है। इसका आयोजन एशियाई पैरालंपिक समिति करती है और यह एशियाई खेलों के समान मेजबान शहर में होता है। पैरा-बैडमिंटन को टोक्यो 2020 पैरालंपिक खेलों में पैरालंपिक खेल के रूप में शामिल किया गया था; वे खेल 2021 में आयोजित हुए थे।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- बैडमिंटन में शटल कॉक का उपयोग होता है और मुकाबले एकल या युगल प्रारूप में खेले जाते हैं।
- अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन का संचालन विश्व बैडमिंटन महासंघ करता है।
- पैरा-बैडमिंटन में एसएल3 और एसएल4 खड़े होकर खेलने के वर्ग हैं, जबकि डब्ल्यूएच1 और डब्ल्यूएच2 व्हीलचेयर वर्ग हैं।
- एशियाई पैरा खेलों का आयोजन एशियाई पैरालंपिक समिति करती है।
नितेश और नवीन के स्वर्ण ने भारत की पदक तालिका को मजबूती दी। अलग-अलग खेल वर्गों में मिली ये जीतें पैरा-बैडमिंटन में भारत की मजबूत मौजूदगी को भी दर्शाती हैं।