एशियन गेम्स कुश्ती में भारत की स्वर्ण उम्मीदें और मजबूत हुईं

एशियन गेम्स कुश्ती में भारत की स्वर्ण उम्मीदें और मजबूत हुईं

जापान के आइची-नागोया में 3 अक्टूबर 2026 को एशियन गेम्स की फ्रीस्टाइल कुश्ती में भारत के अमन सहरावत और अंतिम पंघाल ने स्वर्ण पदक मुकाबले में जगह बना ली। अमन ने पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में ताजिकिस्तान के आयाल बेलोल्युब्स्की को 14-8 से हराया, जबकि अंतिम ने महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में चीन की जिन झांग को 6-1 से मात देकर फाइनल में प्रवेश किया।

अमन और अंतिम ने कैसे बनाई फाइनल में जगह

अमन सहरावत ने पूरे दिन आक्रामक और नियंत्रित खेल दिखाया। उन्होंने पहले दौर में जापान के यामाटो ओगावा को 20-9 से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराया और फिर सेमीफाइनल में भी अपनी लय बनाए रखी। दूसरी ओर, अंतिम पंघाल ने शुरुआती मुकाबले में कजाखस्तान की शुग्यला ओमिरबेक को 9-0 से हराकर मजबूत शुरुआत की और फिर चीन की जिन झांग के खिलाफ भी निर्णायक बढ़त हासिल की।

दोनों भारतीय पहलवानों का फाइनल तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि भारत की महिला और पुरुष फ्रीस्टाइल कुश्ती दोनों ही वर्गों में प्रतिस्पर्धा लगातार मजबूत हो रही है।

अन्य भारतीय पहलवानों का प्रदर्शन

पुरुषों के 97 किलोग्राम वर्ग में दीपक पुनिया को उज्बेकिस्तान के शेरजोड पॉयोनोव से 8-9 की करीबी हार मिली और उन्हें कांस्य पदक मुकाबले में उतरना पड़ा। वहीं सागर जगलान ने रेपेचेज मुकाबले में उज्बेकिस्तान के रजामबेक जमालोव को 7-3 से हराकर कांस्य की दौड़ में बने रहने का मौका पाया।

महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में मनीषा भानवाला को जापान की अकारी फुजिनामी से क्वार्टरफाइनल में हार मिली। बाद में फुजिनामी की हार के कारण मनीषा को रेपेचेज में प्रवेश नहीं मिल सका।

फ्रीस्टाइल कुश्ती और एशियन गेम्स का महत्व

फ्रीस्टाइल कुश्ती ओलंपिक की दो मान्यता प्राप्त कुश्ती शैलियों में से एक है। इसमें खिलाड़ी पैरों का उपयोग आक्रमण और बचाव दोनों में कर सकते हैं, जबकि ग्रेको-रोमन शैली में यह अनुमति नहीं होती। अंक टेकडाउन, एक्सपोजर, रिवर्सल और तकनीकी श्रेष्ठता जैसे पहलुओं पर दिए जाते हैं।

एशियन गेम्स एशिया का प्रमुख बहु-खेल आयोजन है, जिसे ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया आयोजित करती है। कुश्ती इसमें लंबे समय से पदक स्पर्धा रही है और पुरुषों तथा महिलाओं के लिए अलग-अलग भार वर्गों में मुकाबले कराए जाते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • फ्रीस्टाइल कुश्ती में खिलाड़ी पैरों का इस्तेमाल आक्रमण और बचाव दोनों में कर सकते हैं।
  • ग्रेको-रोमन कुश्ती में पैरों से हमला या बचाव की अनुमति नहीं होती।
  • रेपेचेज प्रणाली से हारने वाले पहलवानों को कांस्य पदक की दौड़ में एक और मौका मिल सकता है।
  • एशियन गेम्स का संचालन ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया करती है।

अमन सहरावत और अंतिम पंघाल का फाइनल में पहुंचना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है। अब सभी की नजरें उनके स्वर्ण पदक मुकाबलों पर टिकी हैं, जिनके नतीजे उसी दिन आने थे।

Originally written on October 3, 2026 and last modified on October 3, 2026.

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