एपी सिंह की अंतिम किरण उड़ान ने याद दिलाया वायुसेना प्रशिक्षण का सफर

एपी सिंह की अंतिम किरण उड़ान ने याद दिलाया वायुसेना प्रशिक्षण का सफर

भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने 20 अक्टूबर 2026 को एचजेटी-16 किरण एमके-1 विमान में अपनी अंतिम प्रशिक्षण उड़ान पूरी की। तेलंगाना के डुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी से हुई यह उड़ान 55 मिनट की थी। इस उड़ान में उनके साथ उनके पहले उड़ान प्रशिक्षक, सेवानिवृत्त विंग कमांडर वी.एस. कोचर भी मौजूद थे।

किरण विमान से जुड़ी पुरानी यादें

सिंह ने अपनी उड़ान यात्रा 28 जनवरी 1984 को इसी प्रकार के विमान से शुरू की थी। इस बार उड़ाए गए किरण विमान की पूंछ पर यू 707 संख्या अंकित थी। उड़ान के बाद सिंह ने इसे “सपना सच होने” जैसा अनुभव बताया और अपने पूर्व प्रशिक्षक के प्रति आभार जताया। यह उड़ान उनके वायुसेना प्रशिक्षण के शुरुआती दौर और लंबे सेवा-सफर के बीच एक खास कड़ी बनी।

एचजेटी-16 किरण को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने भारतीय वायुसेना के लिए विकसित किया था। इसके नाम में एचजेटी का अर्थ हिंदुस्तान जेट ट्रेनर है। विमान ने 1964 में पहली उड़ान भरी और 1968 में वायुसेना की सेवा में शामिल हुआ। दो सीटों वाला यह विमान प्रशिक्षक और प्रशिक्षु को एक साथ उड़ान भरने की सुविधा देता है। इसका उपयोग बुनियादी उड़ान कौशल, विमान संचालन और प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण देने में किया जाता है।

वायुसेना अकादमी की प्रशिक्षण भूमिका

डुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी हैदराबाद से करीब 25 किलोमीटर दूर है। इसकी स्थापना 1969 में हुई थी। यहां भारतीय वायुसेना के अधिकारी कैडेटों को उड़ान और भूमि-आधारित शाखाओं के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। किरण जैसे प्रशिक्षण विमान इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते हैं, क्योंकि प्रशिक्षक उड़ान के दौरान प्रशिक्षु को मार्गदर्शन दे सकता है।

किरण में यह उड़ान पूरी करने से पहले सिंह ने 12 अक्टूबर 2026 को अपनी अंतिम लड़ाकू विमान उड़ान भरी थी। उन्होंने जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर तरंग शक्ति अभ्यास के दौरान स्वदेशी तेजस हल्के लड़ाकू विमान को उड़ाया था। अकादमी में उतरने के बाद उनके विमान को जल-तोपों की सलामी दी गई।

खबर का व्यापक संदर्भ

एयर चीफ मार्शल सिंह अक्टूबर 2026 के अंत में सेवानिवृत्त होने वाले थे और एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को उनका उत्तराधिकारी नामित किया गया था। वायुसेना प्रमुख भारतीय वायुसेना के पेशेवर प्रमुख होते हैं। सिंह की अंतिम किरण उड़ान ने प्रशिक्षण विमान से शुरू हुए उनके उड़ान-सफर को उनके शीर्ष नेतृत्व के कार्यकाल के अंतिम चरण से जोड़ा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • एचजेटी-16 किरण का विकास हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने किया था।
  • वायुसेना अकादमी डुंडीगल, तेलंगाना में स्थित है और इसकी स्थापना 1969 में हुई थी।
  • तेजस भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना के लिए विकसित स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान है।
  • तरंग शक्ति भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास है।

किरण से तेजस तक का यह सफर वायुसेना में बुनियादी उड़ान प्रशिक्षण और परिचालन भूमिकाओं के बीच संबंध को रेखांकित करता है।

Originally written on October 20, 2026 and last modified on October 20, 2026.

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