एनपीएस विस्तार की बड़ी योजना, 2–3 करोड़ नए सब्सक्राइबर जोड़ने का लक्ष्य

एनपीएस विस्तार की बड़ी योजना, 2–3 करोड़ नए सब्सक्राइबर जोड़ने का लक्ष्य

पेंशन क्षेत्र में डिजिटल पहुंच बढ़ाने के लिए पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में अगले दो वर्षों के भीतर 2 से 3 करोड़ नए सब्सक्राइबर जोड़ने का लक्ष्य रखा है। यह कदम खास तौर पर उन लोगों तक पहुंच बनाने के लिए अहम माना जा रहा है, जो अब तक औपचारिक पेंशन व्यवस्था से बाहर रहे हैं।

एनपीएस विस्तार का नया फोकस

पीएफआरडीए के चेयरपर्सन एस. रामन्न ने 1 अक्टूबर 2026 को यह लक्ष्य सामने रखा। इस विस्तार योजना का आधार एनपीएस तत्काल सुविधा है, जिसके जरिए यूपीआई ऐप के माध्यम से सीधे एनपीएस में नामांकन और योगदान किया जा सकता है। इससे खाता खोलने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, सरल और डिजिटल हो गई है।

यह पहल खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों के साथ-साथ निजी और असंगठित क्षेत्र के कामगारों तक पेंशन कवरेज बढ़ाने पर केंद्रित है। ऐसे वर्गों में लंबी अवधि की बचत और सेवानिवृत्ति सुरक्षा की जरूरत अधिक होती है, लेकिन औपचारिक पेंशन उत्पादों तक पहुंच सीमित रहती है।

एनपीएस तत्काल कैसे बदल रहा है पहुंच का तरीका

एनपीएस तत्काल एक डिजिटल ऑनबोर्डिंग सुविधा है, जिसमें यूपीआई एप्लिकेशन के जरिए एनपीएस खाता खोला जा सकता है। इसकी शुरुआत एनपीसीआई के भीम यूपीआई ऐप से हुई थी। यदि बैंक खाते में पहले से केवाईसी सत्यापित जानकारी उपलब्ध है, तो दोबारा व्यक्तिगत विवरण भरने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे प्रक्रिया तेज होती है और नए ग्राहकों के लिए प्रवेश बाधा कम होती है।

अब तक पांच बैंक इस पहल से जुड़ चुके हैं। इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शामिल हैं। बैंकिंग नेटवर्क के साथ यह एकीकरण एनपीएस को अधिक व्यापक और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

एनपीएस की संरचना और महत्व

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली एक अंशदान आधारित पेंशन योजना है, जिसे पीएफआरडीए, पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2013 के तहत विनियमित करता है। इसमें केंद्रीय सरकारी कर्मचारी, कई राज्यों के सरकारी कर्मचारी और निजी क्षेत्र तथा असंगठित क्षेत्र के नागरिक शामिल हो सकते हैं।

एनपीएस खाते को स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या यानी PRAN से जोड़ा जाता है। यह संख्या नौकरी या स्थान बदलने पर भी बनी रहती है, इसलिए खाता पोर्टेबल रहता है। योजना में निवेश बाजार से जुड़ा होता है और अंतिम पेंशन संचित राशि तथा एन्युटी खरीद पर निर्भर करती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • पीएफआरडीए भारत में एनपीएस और उससे जुड़े पेंशन उत्पादों का वैधानिक नियामक है।
  • एनपीएस एक परिभाषित अंशदान पेंशन योजना है, जिसमें लाभ संचित कोष पर निर्भर करता है।
  • PRAN हर एनपीएस ग्राहक को दिया जाने वाला स्थायी और पोर्टेबल नंबर है।
  • यूपीआई का संचालन नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) करता है।

डिजिटल ऑनबोर्डिंग, बैंक साझेदारी और यूपीआई-आधारित सुविधा के साथ एनपीएस का दायरा तेजी से बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, ताकि अधिक लोग औपचारिक सेवानिवृत्ति सुरक्षा से जुड़ सकें।

Originally written on October 2, 2026 and last modified on October 2, 2026.

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