एनएलसी इंडिया में पावर प्रबंधन की कमान संभालेंगे चैतन्य प्रकाश
एनएलसी इंडिया लिमिटेड में पीएलएसएस चैतन्य प्रकाश ने 5 अक्टूबर 2026 को निदेशक (पावर) का कार्यभार संभाल लिया। यह नियुक्ति उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी रहेगी और 31 दिसंबर 2029 तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, लागू रहेगी।
एनएलसी इंडिया की भूमिका और महत्व
एनएलसी इंडिया लिमिटेड, कोयला मंत्रालय के अधीन एक नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है। इसका कॉर्पोरेट कार्यालय तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले के नेवेली में स्थित है। कंपनी भारत में लिग्नाइट खनन और बिजली उत्पादन से जुड़ी प्रमुख इकाइयों में शामिल है। ऐसे उपक्रमों में निदेशक स्तर की नियुक्तियाँ संचालन, परियोजना प्रबंधन और तकनीकी निर्णयों के लिहाज से बेहद अहम मानी जाती हैं।
निदेशक (पावर) की जिम्मेदारी क्या होती है
सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनियों में निदेशक (पावर) बोर्ड स्तर का पद होता है। इस पद पर रहने वाले अधिकारी आम तौर पर संयंत्र संचालन, परियोजना निष्पादन, तकनीकी प्रबंधन और बिजली परिसंपत्तियों के समन्वय की जिम्मेदारी संभालते हैं। बड़े ऊर्जा उपक्रमों में यह भूमिका उत्पादन क्षमता, परिचालन दक्षता और दीर्घकालिक ऊर्जा योजनाओं से सीधे जुड़ी होती है।
चैतन्य प्रकाश का पेशेवर अनुभव
एनएलसी इंडिया से पहले चैतन्य प्रकाश दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) में कार्यकारी निदेशक (संचालन) के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने डीवीसी से जुड़ी संयुक्त उद्यम कंपनियों ग्रीन वैली रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (जीवीआरईएल) और डीवीसी-सीआईएल पावर प्राइवेट लिमिटेड (डीसीपीपीएल) में भी काम किया है। वे मैकेनिकल इंजीनियर हैं और उन्हें थर्मल पावर प्लांट संचालन, बड़े पैमाने पर परियोजना निष्पादन, कॉरपोरेट गवर्नेंस तथा ऊर्जा संक्रमण से जुड़े कार्यों में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एनएलसी इंडिया लिमिटेड कोयला मंत्रालय के अधीन एक नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है।
- कंपनी का मुख्यालय तमिलनाडु के नेवेली, कुड्डालोर जिले में स्थित है।
- दामोदर वैली कॉरपोरेशन एक वैधानिक संगठन है, जो बिजली और सिंचाई विकास से जुड़ा है।
- सार्वजनिक क्षेत्र की बड़ी बिजली कंपनियों में निदेशक स्तर के पद प्रशासनिक और तकनीकी दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं।
इस नियुक्ति के साथ एनएलसी इंडिया में पावर क्षेत्र के संचालन और परियोजना प्रबंधन को नई नेतृत्व दिशा मिलने की उम्मीद है।