इटली में स्कूलों के लिए बुर्का-नकाब पर सख्ती की तैयारी

इटली में स्कूलों के लिए बुर्का-नकाब पर सख्ती की तैयारी

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने 20 सितंबर 2026 को स्कूलों में बुर्का और निकाब पर प्रतिबंध लगाने की योजना का संकेत दिया। प्रस्ताव का दायरा केवल परिधान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कक्षाओं में विदेशी छात्रों की संख्या पर सीमा और कुछ विदेशी अभिभावकों के लिए इतालवी भाषा सीखने की शर्त भी शामिल है। यह कदम इटली में पहचान, एकीकरण और स्कूल अनुशासन से जुड़ी बहस को फिर से चर्चा में ले आया है।

क्या है प्रस्ताव और किन परिधानों पर असर

प्रस्ताव में बुर्का और निकाब को निशाना बनाया गया है। बुर्का पूरे शरीर को ढकता है और चेहरे पर जालीदार आवरण होता है, जबकि निकाब में चेहरा ढका रहता है और केवल आंखें दिखाई देती हैं। मेलोनी ने अपने बयान में हिजाब का उल्लेख नहीं किया, हालांकि कुछ रिपोर्टों में इस प्रस्ताव को उससे भी जोड़ा गया है।

यह स्पष्ट है कि सरकार का फोकस उन परिधानों पर है जो पहचान में बाधा डालते हैं। स्कूलों को इस बहस का केंद्र इसलिए बनाया गया है क्योंकि शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, सुरक्षा और सामाजिक एकीकरण को लेकर यूरोप के कई देशों में अलग-अलग नीतिगत रुख देखने को मिलता है।

कानूनी प्रक्रिया और इटली का मौजूदा ढांचा

इटली में फिलहाल ऐसा कोई विशेष राष्ट्रीय कानून नहीं है जो स्कूलों या सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का या निकाब पर सीधा प्रतिबंध लगाता हो। हालांकि 1975 का एक इतालवी कानून ऐसे कपड़ों को प्रतिबंधित करता है जो बिना उचित कारण के पहचान में बाधा डालते हों। इसी कानूनी आधार पर नई व्यवस्था को आगे बढ़ाने की तैयारी है।

प्रस्ताव पहले मंत्रिपरिषद के सामने रखा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे संसद की स्वीकृति भी लेनी होगी। कानून बनने के लिए 60 दिनों के भीतर संसदीय मंजूरी आवश्यक होगी। यानी यह अभी केवल राजनीतिक घोषणा नहीं, बल्कि एक औपचारिक विधायी प्रक्रिया से गुजरने वाला प्रस्ताव है।

विदेशी छात्रों और एकीकरण पर जोर

इस पैकेज का दूसरा अहम हिस्सा विदेशी छात्रों से जुड़ा है। प्रस्ताव के अनुसार, जिन विदेशी छात्रों को इतालवी स्कूल प्रणाली में गंभीर एकीकरण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, उनके कुछ अभिभावकों को इतालवी भाषा सीखनी होगी। सरकार का तर्क है कि स्कूल केवल शिक्षा का स्थान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और भाषा-आधारित एकीकरण का भी माध्यम हैं।

ISTAT के आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 शैक्षणिक वर्ष में इतालवी स्कूलों में विदेशी छात्र कुल विद्यार्थियों का 12 प्रतिशत से थोड़ा कम थे। यह आंकड़ा बताता है कि इटली की कक्षाओं में प्रवासन और बहुसांस्कृतिकता का मुद्दा पहले से ही महत्वपूर्ण है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • बुर्का पूरे शरीर को ढकता है और चेहरे पर जालीदार आवरण होता है।
  • निकाब चेहरे को ढकता है, जबकि केवल आंखें दिखाई देती हैं।
  • हिजाब सिर और गर्दन को ढकने वाला स्कार्फ है, लेकिन चेहरा खुला रहता है।
  • इटली की मंत्रिपरिषद सरकार के उन प्रस्तावों को मंजूरी देती है जिन्हें संसद में भेजा जाता है।

मेलोनी की यह घोषणा इटली की घरेलू राजनीति और पहचान-आधारित नीतियों दोनों को प्रभावित कर सकती है। अब निगाहें इस पर हैं कि सरकार इस प्रस्ताव को किस रूप में संसद तक ले जाती है और वहां इसे कितना समर्थन मिलता है।

Originally written on September 21, 2026 and last modified on September 21, 2026.

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