आंध्र प्रदेश में निजी रॉकेट परीक्षण केंद्र ‘द एंकोरेज’ का आगाज

आंध्र प्रदेश में निजी रॉकेट परीक्षण केंद्र ‘द एंकोरेज’ का आगाज

बेंगलुरु स्थित निजी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी एथीरियल एक्सप्लोरेशन गिल्ड ने 16 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में ‘द एंकोरेज’ रॉकेट विकास एवं परीक्षण केंद्र का उद्घाटन किया। 150 एकड़ में फैली यह सुविधा श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्पेस सिटी में है। इसका उपयोग कंपनी के पुनः उपयोग योग्य प्रक्षेपण यान के निर्माण, परीक्षण और मरम्मत के लिए किया जाएगा।

पुनः उपयोग योग्य रॉकेट के लिए एकीकृत केंद्र

द एंकोरेज का मुख्य उद्देश्य कंपनी के मध्यम भार-वर्ग के प्रक्षेपण यान ‘रेज़र क्रेस्ट एमके 1’ के विकास को आगे बढ़ाना है। कंपनी इस यान के बूस्टर और ऊपरी चरण—दोनों को उड़ान के बाद वापस प्राप्त कर दोबारा उपयोग करने की योजना बना रही है। रॉकेट का कोई चरण उड़ान के एक अलग हिस्से में काम करता है और उसमें प्रणोदन सहित जरूरी प्रणालियां होती हैं।

किसी चरण को बार-बार इस्तेमाल करने के लिए उसके ढांचे और प्रणालियों को लगातार उड़ान तथा संचालन के दबाव सहने योग्य बनाना पड़ता है। इसी कारण केंद्र में केवल निर्माण ही नहीं, बल्कि परीक्षण और उड़ान के बाद मरम्मत की सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। कंपनी की योजना अलग-अलग इंजन पुर्जों के परीक्षण से आगे बढ़कर एकीकृत प्रणोदन प्रणालियों और पूरे रॉकेट चरणों के परीक्षण तक पहुंचने की है।

दो अर्ध-क्रायोजेनिक इंजनों पर आधारित प्रणोदन

रेज़र क्रेस्ट एमके 1 में दो अर्ध-क्रायोजेनिक इंजन प्रस्तावित हैं। इस प्रणोदन प्रणाली में तरल ऑक्सीजन के साथ हाइड्रोकार्बन ईंधन का उपयोग होता है। ‘पेगासस’ ऊपरी चरण के लिए 80 किलो-न्यूटन क्षमता वाला इंजन है, जबकि ‘स्टैलियन’ 1.2 मेगा-न्यूटन क्षमता का गैस-जनरेटर बूस्टर इंजन है। स्टैलियन को प्रक्षेपण के समय और वायुमंडल में ऊपर चढ़ने के दौरान जोर देने के लिए बनाया जा रहा है।

कंपनी के अनुसार, पेगासस में पूर्ण-प्रवाह पृथक शीतलन चक्र और दोहरे थ्रस्ट-कक्ष की संरचना है। गिल्ड इसे ऊपरी चरण के पुनः उपयोग को ध्यान में रखकर विकसित किया गया इंजन फीड चक्र बताती है।

स्थिर अग्नि-परीक्षण और विकास के अगले चरण

केंद्र में पेगासस के लिए क्षैतिज स्थिर परीक्षण सुविधा शुरू की गई है, जिसे 210 बार दबाव पर दबाव-आधारित इंजन परीक्षण के लिए निर्धारित किया गया है। स्थिर अग्नि-परीक्षण में इंजन को परीक्षण ढांचे पर स्थिर रखकर चलाया जाता है, जिससे उड़ान के बिना उसके प्रदर्शन का आकलन किया जा सके। पेगासस का पहला प्रज्वलन परीक्षण नवंबर 2026 के लिए नियोजित है। पहले चरण की योजनाओं में पेगासस परीक्षण सुविधा के साथ एक ऊर्ध्वाधर परीक्षण सुविधा भी शामिल है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र श्रीहरिकोटा में स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र है।
  • न्यूटन बल की अंतरराष्ट्रीय इकाई है; एक मेगा-न्यूटन दस लाख न्यूटन के बराबर होता है।
  • एक बार दबाव की इकाई है और एक लाख पास्कल के बराबर होता है।
  • रेज़र क्रेस्ट एमके 1 के लिए पेगासस और स्टैलियन दो प्रस्तावित इंजन हैं।

कंपनी ने द एंकोरेज में 30 लाख अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है और पहले चरण के लिए 40 से 50 लाख डॉलर अतिरिक्त निवेश की योजना बनाई है। यह केंद्र रॉकेट के निर्माण से लेकर परीक्षण और पुनः उपयोग की तैयारी तक की गतिविधियों को एक ही परिसर में आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

Originally written on October 17, 2026 and last modified on October 17, 2026.

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