असम में दूसरा सरायघाट पुल: ब्रह्मपुत्र पर नई कनेक्टिविटी का बड़ा प्रोजेक्ट

असम में दूसरा सरायघाट पुल: ब्रह्मपुत्र पर नई कनेक्टिविटी का बड़ा प्रोजेक्ट

असम में ब्रह्मपुत्र पर दूसरा सरायघाट रेल-सह-सड़क पुल बनने जा रहा है। यह परियोजना गुवाहाटी के पास यातायात और रेल संपर्क को मजबूत करेगी। प्रस्तावित ढांचा 1.3 किलोमीटर लंबा डबल-डेकर पुल होगा, जिसमें नीचे की मंजिल पर दो रेल लाइनें और ऊपर की मंजिल पर तीन-लेन सड़क मार्ग के साथ फुटपाथ होगा।

ब्रह्मपुत्र पर नया बहु-स्तरीय संपर्क

यह परियोजना सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि उत्तर-पूर्व के लिए एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी कॉरिडोर है। ब्रह्मपुत्र जैसे विशाल और रणनीतिक नदी-मार्ग पर ऐसा ढांचा रेल और सड़क, दोनों आवागमन को एक साथ संभालेगा। इससे गुवाहाटी क्षेत्र में यातायात दबाव कम होने और आवाजाही अधिक सुगम होने की उम्मीद है।

सरायघाट क्रॉसिंग पहले से ही असम के परिवहन नेटवर्क का अहम हिस्सा रही है। नया पुल उसी क्षेत्र में वैकल्पिक और अधिक क्षमता वाला संपर्क उपलब्ध कराएगा, जिससे रेल संचालन और सड़क परिवहन दोनों को लाभ मिलेगा।

परियोजना की प्रशासनिक स्थिति और निर्माण योजना

यह परियोजना नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के प्रशासनिक क्षेत्र में आती है। रेलवे बोर्ड इसकी निगरानी से जुड़ा है, जबकि निर्माण कार्य की जिम्मेदारी लार्सन एंड टुब्रो को दी गई है।

अगथोरी और कामाख्या स्टेशनों के बीच 7.20 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण को भी मंजूरी दी गई है। यह कार्य 2024 में स्वीकृत हुआ था। दूसरी ओर, पुल परियोजना को 2023-24 के वित्तीय वर्ष में मंजूरी मिली थी और इसकी अनुमानित लागत 1,473.77 करोड़ रुपये है।

तकनीकी प्रगति और समय-सीमा

पुल के लिए भू-तकनीकी जांच पूरी हो चुकी है। विस्तृत अनुमान फरवरी 2024 में रेलवे बोर्ड से मंजूर हुए, जबकि डिजाइन, ड्रॉइंग और रिपोर्ट मार्च 2025 में अंतिम रूप से तैयार की गई। प्रारंभिक कार्य आगे बढ़ चुके हैं और पाइलिंग कार्य अक्टूबर 2026 से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

परियोजना को दिसंबर 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस तरह यह पुल और संबंधित रेल कार्य गुवाहाटी के आसपास परिवहन ढांचे को लंबे समय के लिए मजबूत करने वाली परियोजना बनकर उभर रहा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • ब्रह्मपुत्र एक अंतरराष्ट्रीय नदी है, जो तिब्बत, भारत और बांग्लादेश से होकर बहती है।
  • गुवाहाटी असम और पूरे उत्तर-पूर्व का प्रमुख रेल और सड़क केंद्र माना जाता है।
  • डबल-डेकर पुलों में एक स्तर पर रेल और दूसरे स्तर पर सड़क यातायात चलता है।
  • नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे भारतीय रेल के 18 रेलवे जोनों में से एक है।

दूसरा सरायघाट पुल असम में बढ़ती कनेक्टिविटी जरूरतों का जवाब है। यह परियोजना भविष्य में रेल और सड़क, दोनों नेटवर्क को अधिक सक्षम बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

Originally written on September 24, 2026 and last modified on September 24, 2026.

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