अल्टरमैग्नेटिज्म पर शोध को यूरोफिजिक्स पुरस्कार, स्पिनट्रॉनिक्स को नई राह
चुंबकत्व के एक नए वर्ग अल्टरमैग्नेटिज्म को स्थापित करने में योगदान के लिए 2026 का यूरोफिजिक्स पुरस्कार तीन वैज्ञानिकों को दिया गया है। यह खोज चुंबकीय पदार्थों की समझ को व्यापक बनाती है और ऐसे उपकरणों के विकास की संभावना खोलती है जो इलेक्ट्रॉन के आवेश के साथ उसके स्पिन का भी उपयोग करते हैं।
चुंबकीय क्रम की तीसरी श्रेणी
फेरोमैग्नेटिक पदार्थों में चुंबकीय आघूर्ण एक ही दिशा में व्यवस्थित होते हैं, जिससे पदार्थ में कुल चुंबकत्व पैदा होता है। इसके विपरीत, एंटीफेरोमैग्नेटिक पदार्थों में पड़ोसी चुंबकीय आघूर्ण विपरीत दिशाओं में रहते हैं और एक-दूसरे का प्रभाव काफी हद तक समाप्त कर देते हैं।
अल्टरमैग्नेट में भी चुंबकीय आघूर्णों का कुल प्रभाव संतुलित रहता है, लेकिन उसकी इलेक्ट्रॉनिक संरचना पारंपरिक एंटीफेरोमैग्नेट से अलग होती है। इसमें चुंबकीय क्रम के साथ स्पिन-ध्रुवीकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंड पाए जाते हैं। इसी विशेषता के कारण इसे चुंबकीय पदार्थों की अलग श्रेणी के रूप में देखा जा रहा है।
सैद्धांतिक प्रस्ताव से प्रयोगशाला तक
जर्मनी के जोहान्स गुटेनबर्ग विश्वविद्यालय में जायऱो सिनोवा, लिबोर श्मेयकाल और उनके सहयोगियों ने 2019 से 2021 के बीच इस अवधारणा पर सैद्धांतिक काम किया। उनका शोध उन चुंबकीय घटनाओं को समझने की कोशिश था जिन्हें केवल फेरोमैग्नेटिज्म और एंटीफेरोमैग्नेटिज्म के आधार पर नहीं समझाया जा सकता था। ‘अल्टरमैग्नेटिज्म’ शब्द श्मेयकाल और उनके सहयोगियों ने 2022 में प्रस्तावित किया।
2024 की शुरुआत में मेन्ज़ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हान्स-योआखिम एल्मर्स के नेतृत्व वाली टीम ने इस घटना के प्रयोगात्मक प्रमाण दिए। उसी वर्ष के अंत तक वैज्ञानिकों ने इस नई चुंबकीय श्रेणी के पक्ष में प्रमाणों की पुष्टि की। 2026 में सिनोवा, श्मेयकाल और प्रोफेसर तोमाश युंगविर्थ को इसी क्षेत्र में योगदान के लिए यूरोपीय भौतिक सोसायटी के संघनित पदार्थ प्रभाग का यूरोफिजिक्स पुरस्कार मिला।
नए पदार्थों और उपकरणों में संभावनाएं
2026 में अलग-अलग शोध दलों ने अल्टरमैग्नेटिज्म के संकेतों और उसकी संरचना का अध्ययन किया। ओक रिज राष्ट्रीय प्रयोगशाला के शोधकर्ताओं ने प्रचुर मात्रा में मिलने वाले और स्थिर खनिज हेमटाइट में इसकी एक प्रमुख विशेषता की पुष्टि की। राइस विश्वविद्यालय के पेंगचेंग दाई के नेतृत्व वाली टीम ने हेक्सागोनल मैंगनीज टेल्यूराइड को एकल चुंबकीय-क्षेत्र अवस्था में रखकर उसकी आंतरिक चुंबकीय संरचना का अध्ययन किया।
नॉटिंघम विश्वविद्यालय के नेतृत्व वाले दल ने स्वीडन स्थित मैक्स-IV सिंक्रोट्रॉन सुविधा में अल्टरमैग्नेटिक उपकरणों की कार्यक्षमता पर शोध किया। दल के अनुसार, ऐसी तकनीक मौजूदा स्मृति उपकरणों की तुलना में 1,000 गुना तक तेज चल सकती है और कम ऊर्जा खर्च कर सकती है। सेंट्रल फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के माधब नेउपाने के नेतृत्व वाले शोधकर्ताओं ने कोबाल्ट-मिश्रित टैंटलम डाइसेलेनाइड में भी प्रयोगात्मक प्रमाणों की जानकारी दी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- फेरोमैग्नेटिज्म और एंटीफेरोमैग्नेटिज्म चुंबकीय क्रम की दो स्थापित श्रेणियां हैं।
- ‘अल्टरमैग्नेटिज्म’ शब्द 2022 में लिबोर श्मेयकाल और उनके सहयोगियों ने प्रस्तावित किया था।
- यूरोफिजिक्स पुरस्कार यूरोपीय भौतिक सोसायटी के संघनित पदार्थ प्रभाग द्वारा दिया जाता है।
- मैक्स-IV सिंक्रोट्रॉन सुविधा स्वीडन में स्थित है।
अल्टरमैग्नेटिज्म का महत्व केवल चुंबकीय पदार्थों के नए वर्ग की पहचान तक सीमित नहीं है। इसके विशिष्ट गुण भविष्य में तेज और ऊर्जा-कुशल सूचना भंडारण तथा प्रसंस्करण तकनीकों के विकास में उपयोगी हो सकते हैं।