अमेरिका की सीमा पर ‘हीट-रे’ परीक्षण से सुरक्षा बहस तेज
22 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) को सक्रिय निषेध प्रणाली के परीक्षण की अनुमति दी। यह प्रणाली अमेरिका–मैक्सिको सीमा पर संभावित उपयोग के लिए परखी जाएगी, हालांकि परीक्षण का स्थान और भविष्य में इसे तैनात करने की योजना अभी तय नहीं है।
बिना संपर्क के तीव्र गर्मी का एहसास
सक्रिय निषेध प्रणाली (एडीएस) निर्देशित ऊर्जा पर आधारित उपकरण है। यह अदृश्य विद्युतचुंबकीय किरण छोड़ता है, जो त्वचा की ऊपरी सतह को गर्म कर तीव्र जलन जैसा एहसास पैदा करती है। इसमें व्यक्ति के शरीर से प्रत्यक्ष संपर्क नहीं होता। इसका उद्देश्य लोगों को किरण से दूर हटने के लिए प्रेरित करना है। आम तौर पर यह एहसास 10 से 15 मिनट तक रह सकता है और प्रणाली की बताई गई मारक दूरी आधे मील से कुछ अधिक है।
डीएचएस को सात महीने के लिए मिली जिम्मेदारी
सितंबर 2026 में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन के तहत डीएचएस एक इकाई सात महीने के लिए उधार ले सकता है। इसकी शुरुआत सितंबर से मानी गई है। प्रणाली का संचालन और उससे जुड़ी रणनीतियां, तकनीकें तथा प्रक्रियाएं विकसित करने की जिम्मेदारी डीएचएस की होगी। ज्ञापन के अनुसार, रक्षा विभाग के कर्मी इसे संचालित नहीं करेंगे। शुरुआती अवधि के बाद डीएचएस उपयोग की अवधि बढ़ाने का अनुरोध कर सकता है।
सीमा सुरक्षा से जुड़ी अमेरिकी एजेंसी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा (सीबीपी) ने कैलिफोर्निया के एल सेंट्रो क्षेत्र में इस तकनीक की पड़ताल की थी। यह क्षेत्र अमेरिका–मैक्सिको सीमा के लगभग 70 मील हिस्से को कवर करता है। 2018 में सीबीपी ने प्रवासियों के विरुद्ध एडीएस के उपयोग पर विचार किया था, लेकिन तत्कालीन गृह सुरक्षा मंत्री कर्स्टन नीलसन ने उस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।
सुरक्षा और उपयोग को लेकर उठे सवाल
इस प्रणाली की प्रभावशीलता, वैधता और संभावित नुकसान को लेकर चिंताएं हैं। किरण से बचने के लिए लोग यदि पानी या किसी खतरनाक इलाके की ओर चले जाएं, तो प्रत्यक्ष संपर्क के बिना भी चोट या बचाव अभियान की जरूरत पैदा हो सकती है। पहले की चर्चाओं में नदी के पास सीमा पार करने से रोकने और पानी में मौजूद लोगों को बाहर निकालने जैसे संभावित उपयोगों पर विचार हुआ था, लेकिन मौजूदा अनुमति में किसी खास तरीके या स्थान का उल्लेख नहीं है।
अमेरिकी सेना ने लगभग दो दशक पहले अफगानिस्तान में एडीएस को कुछ समय के लिए तैनात किया था, लेकिन युद्ध में इसका उपयोग नहीं किया गया। विदेशों में आतंकवादी बंदियों को रखने वाले केंद्रों पर भीड़ नियंत्रण के लिए इसके इस्तेमाल पर विचार हुआ था, पर वह योजना आगे नहीं बढ़ी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एडीएस विद्युतचुंबकीय ऊर्जा से त्वचा की सतह में गर्मी का एहसास पैदा करती है।
- इसका उद्देश्य व्यक्ति को किरण से दूर हटाना है; इसकी बताई गई दूरी आधे मील से कुछ अधिक है।
- अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा गृह सुरक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाली संघीय एजेंसी है।
- वर्तमान अनुमति परीक्षण के लिए अस्थायी उधार की है; सीमा पर स्थायी तैनाती का निर्णय नहीं हुआ है।
यह मंजूरी परीक्षण का रास्ता खोलती है, लेकिन सीमा पर वास्तविक इस्तेमाल को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। संभावित लाभ के साथ सुरक्षा, जवाबदेही और अप्रत्यक्ष नुकसान के जोखिमों का आकलन भी अहम रहेगा।