अमृता पुजारी के रजत से भारत को अंडर-23 कुश्ती में तीन पदक

अमृता पुजारी के रजत से भारत को अंडर-23 कुश्ती में तीन पदक

अमेरिका के लास वेगास में आयोजित अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारत की अमृता पुजारी ने महिला 72 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता। 12 से 18 अक्टूबर 2026 तक चली इस प्रतियोगिता में भारतीय पहलवानों ने कुल तीन पदक हासिल किए। इनमें दो रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं।

फाइनल तक पुजारी का मजबूत प्रदर्शन

पुजारी ने फाइनल में पहुंचने से पहले लगातार दो मुकाबले प्रतिद्वंद्वियों को चित करके जीते। खिताबी मुकाबले में उनका सामना यूक्रेन की इरीना ज़ब्लोत्स्का से हुआ। ज़ब्लोत्स्का ने 6-0 की बढ़त के दौरान पुजारी को चित कर मुकाबला अपने नाम किया और स्वर्ण पदक जीता। इस तरह पुजारी को रजत से संतोष करना पड़ा।

महिला पहलवानों में भारत का दूसरा पदक कोमल ने दिलाया। उन्होंने 59 किग्रा वर्ग के कांस्य पदक मुकाबले में कजाकिस्तान की विक्टोरिया खुसैनोवा को 7-2 से हराया। 53 किग्रा वर्ग में स्वीटी भी कांस्य पदक के मुकाबले तक पहुंचीं, लेकिन यूक्रेन की अनास्तासिया पोल्स्का से 0-11 से हार गईं। यह मुकाबला तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर समाप्त हुआ।

ग्रीको-रोमन में भारत का ऐतिहासिक रजत

भारत का दूसरा रजत पदक पुरुषों के ग्रीको-रोमन 55 किग्रा वर्ग में विश्वजीत मोरे ने जीता था। 15 अक्टूबर को मिली इस सफलता के साथ वह अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में ग्रीको-रोमन स्पर्धा का रजत जीतने वाले भारत के पहले पहलवान बने। इस उपलब्धि ने भारत के कुल पदकों की संख्या तीन तक पहुंचाई।

पुरुष फ्रीस्टाइल वर्ग में भारत के पांच पहलवान प्रतियोगिता में उतरे, लेकिन कोई भी पदक मुकाबलों तक नहीं पहुंचा। महिला वर्ग में वैष्णवी पाटिल रेपेचेज मुकाबला हार गईं। स्वीटी ने रेपेचेज के जरिए कांस्य पदक मुकाबले में जगह बनाई, हालांकि वह पदक जीतने में सफल नहीं रहीं। रेपेचेज व्यवस्था के तहत फाइनल में पहुंचे पहलवानों से हारने वाले कुछ खिलाड़ियों को कांस्य पदक मुकाबले तक पहुंचने का एक और अवसर मिलता है।

कुश्ती के नियम और मुकाबले की संरचना

पिनफॉल या ‘फॉल’ तब माना जाता है, जब कोई पहलवान प्रतिद्वंद्वी के दोनों कंधों को मैट पर टिकाकर नियंत्रित कर लेता है। तकनीकी श्रेष्ठता का फैसला तब होता है, जब कोई पहलवान संबंधित शैली के नियमों के अनुसार आवश्यक अंकों की बढ़त बना लेता है। प्रतियोगिता में फ्रीस्टाइल और ग्रीको-रोमन की अलग-अलग स्पर्धाएं होती हैं। ग्रीको-रोमन कुश्ती में पकड़ और हमले कमर से ऊपर के हिस्से तक सीमित रहते हैं; कमर के नीचे पकड़ना या हमला करना अनुमत नहीं है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 23 वर्ष से कम आयु वर्ग के पहलवानों की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता है।
  • 2026 की चैंपियनशिप लास वेगास में 12 से 18 अक्टूबर तक आयोजित हुई।
  • भारत ने प्रतियोगिता में दो रजत और एक कांस्य सहित कुल तीन पदक जीते।
  • विश्वजीत मोरे इस चैंपियनशिप में ग्रीको-रोमन कुश्ती का रजत जीतने वाले भारत के पहले पहलवान बने।

पुजारी का रजत और मोरे की ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय कुश्ती के लिए प्रतियोगिता की प्रमुख सफलताएं रहीं। महिला पहलवानों ने भारत के तीन में से दो पदक जीतकर टीम के प्रदर्शन में अहम योगदान दिया।

Originally written on October 19, 2026 and last modified on October 19, 2026.

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