ग्लैंडर्स पर संशोधित राष्ट्रीय कार्य योजना 2025: पशु स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में ठोस पहल

भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) ने ग्लैंडर्स रोग की निगरानी, रोकथाम, नियंत्रण और उन्मूलन को सुदृढ़ करने के लिए संशोधित राष्ट्रीय कार्य योजना 2025 जारी की है। यह योजना घोड़ों, खच्चरों और गधों जैसे इक्वाइन जानवरों के स्वास्थ्य की रक्षा और इनसे जुड़े समुदायों की आजीविका को सुरक्षित करने की दिशा में एक अहम कदम है।
ग्लैंडर्स क्या है?
- कारण: Burkholderia mallei बैक्टीरिया से होने वाला एक गंभीर संक्रामक रोग
- प्रभावित पशु: घोड़े, खच्चर, गधे (मानवों में भी संक्रमण संभव — Zoonotic Disease)
- संक्रमण का तरीका: संक्रमित नाक स्राव, दूषित चारा, पानी या उपकरणों से सीधा संपर्क
- जोखिम: समय पर इलाज न हो तो अत्यधिक मृत्यु दर; यह रोग PCICDA अधिनियम, 2009 के अंतर्गत सूचनायोग्य रोग है
संशोधित कार्य योजना 2025 की प्रमुख विशेषताएं
ज़ोनिंग और निगरानी में बदलाव
- संक्रमित क्षेत्र (Infected Zone): 5 किमी से घटाकर 2 किमी
- निगरानी क्षेत्र (Surveillance Zone): 5–25 किमी से संशोधित कर 2–10 किमी
- अब प्रतिबंध केवल 10 किमी तक ही लागू होंगे
निगरानी और रिपोर्टिंग को मज़बूती
- उच्च जोखिम क्षेत्रों में अनिवार्य परीक्षण
- प्रगतिशील प्रयोगशाला परीक्षण और नियमित फील्ड निरीक्षण
क्वारंटीन और पशु आवागमन नियंत्रण
- सख्त क्वारंटीन व्यवस्था और संक्रमित क्षेत्रों से पशु आवागमन पर प्रतिबंध
- मेलों, यात्राओं और अंतरराज्यीय आवागमन हेतु प्रमाणन प्रणाली
त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली
- संक्रमण नियंत्रण, पृथक्करण और मानवीय व्यवहार हेतु SOPs
- राज्य पशुपालन विभागों के साथ संयुक्त समन्वय
क्षमतावर्धन और प्रशिक्षण
- पशु चिकित्सकों, पैरा-वेट्स और फील्ड स्टाफ के लिए रोग की पहचान, रिपोर्टिंग और जैव सुरक्षा पर प्रशिक्षण
जन जागरूकता और सहभागिता
- घोड़ा पालकों, प्रजनकों और समुदायों को लक्षित कर जागरूकता कार्यक्रम
- रोग की समय पर रिपोर्टिंग और सहयोग के लिए प्रोत्साहन
अनुसंधान और प्रयोगशाला सहयोग
- ICAR–National Research Centre on Equines (NRCE), हिसार के साथ सहयोग
- उन्नत निदान, महामारी विज्ञान और नीति मार्गदर्शन में सहायता
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ग्लैंडर्स को कई देशों में समाप्त किया जा चुका है, लेकिन एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व में अब भी sporadic रूप से सामने आता है।
- भारत में इसे संक्रमणीय पशु रोगों की रोकथाम और नियंत्रण अधिनियम (2009) के अंतर्गत सूचनायोग्य घोषित किया गया है।
- यह कार्य योजना One Health दृष्टिकोण के अंतर्गत मानव-पशु स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
निष्कर्ष
संशोधित राष्ट्रीय कार्य योजना 2025 केवल एक तकनीकी दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत में इक्वाइन पशुधन की सुरक्षा और उनके पालकों की आजीविका बचाने का एक सशक्त नीति उपकरण है। यह पहल न केवल पशु स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करेगी, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जैव सुरक्षा की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।