TRAI की नई डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग से इमारतों में नेटवर्क गुणवत्ता का आकलन आसान
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 25 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में एकीकृत डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग (DCR) प्लेटफॉर्म और समर्पित मोबाइल ऐप शुरू किया। इस व्यवस्था के जरिए अब आवासीय, व्यावसायिक और सरकारी इमारतों के भीतर मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी का मानकीकृत आकलन और प्रमाणन किया जा सकेगा।
क्या है डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग
डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग फ्रेमवर्क TRAI (Rating of Properties for Digital Connectivity) Regulations, 2024 के तहत बनाया गया है, जिसे मई 2026 में संशोधित किया गया था। इसका उद्देश्य उन संपत्तियों का मूल्यांकन करना है, जहां अंदरूनी नेटवर्क सुविधा, ब्रॉडबैंड उपलब्धता और वायरलेस कनेक्टिविटी की गुणवत्ता को एक समान प्रक्रिया से परखा जा सके।
यह रेटिंग खास तौर पर इमारतों के भीतर की कनेक्टिविटी पर केंद्रित है, न कि बाहरी टेलीकॉम कवरेज पर। इससे संपत्ति मालिकों, उपयोगकर्ताओं और सेवा प्रदाताओं को यह समझने में मदद मिलेगी कि किसी भवन में डिजिटल सुविधाएं कितनी मजबूत हैं।
कैसे होगा मूल्यांकन और प्रमाणन
रेटिंग प्रक्रिया में फाइबर रेडीनेस, मोबाइल नेटवर्क उपलब्धता, इन-बिल्डिंग कनेक्टिविटी समाधान और वाई-फाई ढांचे जैसे मानकों को शामिल किया गया है। फाइबर रेडीनेस का मतलब है ब्रॉडबैंड के लिए फाइबर-आधारित ढांचे की उपलब्धता, जबकि मोबाइल नेटवर्क उपलब्धता से आशय भवन के भीतर सिग्नल की मौजूदगी से है।
मूल्यांकन के बाद डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित रेटिंग प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा, जिसे क्यूआर कोड के जरिए सत्यापित किया जा सकेगा। इससे प्रमाणन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी।
प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप की भूमिका
इस प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक, सरकारी, वाणिज्यिक और निजी संपत्तियों के प्रबंधक अपनी संपत्तियों का पंजीकरण कर DCR के लिए आवेदन कर सकते हैं। पंजीकृत डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियां (DCRAs) आकलन करेंगी, जबकि अधिकृत कर्मी मोबाइल ऐप के जरिए मौके पर परीक्षण और परिणाम दर्ज करेंगे।
उपभोक्ता भी प्लेटफॉर्म पर किसी रेटेड संपत्ति को नाम, प्रमाणपत्र आईडी या स्थान के आधार पर खोज सकेंगे और उपलब्ध रेटिंग की तुलना कर सकेंगे। इससे भवन चुनते समय डिजिटल सुविधाओं को भी एक महत्वपूर्ण मानक के रूप में देखा जा सकेगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- TRAI की स्थापना भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997 के तहत की गई थी।
- TRAI भारतीय टेलीकॉम क्षेत्र में टैरिफ और सेवा गुणवत्ता से जुड़े नियमन का काम करता है।
- डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग भवनों के भीतर मोबाइल, ब्रॉडबैंड और वाई-फाई उपलब्धता का आकलन करती है।
- क्यूआर कोड का उपयोग डिजिटल प्रमाणपत्रों और दस्तावेजों के सत्यापन में व्यापक रूप से किया जाता है।
नई DCR व्यवस्था के जरिए भवनों में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मापने का एक मानक तरीका उपलब्ध होगा। यह पहल उन शहरों और संस्थानों के लिए खास तौर पर उपयोगी मानी जा रही है, जहां बेहतर कनेक्टिविटी अब एक बुनियादी जरूरत बन चुकी है।