‘हिप्पोक्रेटिक शपथ’ (Hippocratic Oath) क्या है?
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने दीक्षांत समारोह के दौरान हिप्पोक्रेटिक शपथ को चरक शपथ से रीप्लेस के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (National Medical Commission – NMC) के सुझाव का विरोध किया है।
मुख्य बिंदु
- IMA के अनुसार, चरक शपथ आधुनिक चिकित्सा की दृष्टि से नहीं बनाई गई थी।
- IMA का विचार है कि शपथ को एक अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण का पालन करना चाहिए।
वैश्विक समुदाय से बहिष्करण
IMA का विचार है प्रस्तावित शपथ से आधुनिक चिकित्सा को वैश्विक समुदाय से बाहर कर दिया जाएगा। यह सेक्टर को पीछे की ओर खींचेगा।
हिप्पोक्रेटिक शपथ (Hippocratic Oath) क्या है?
हिप्पोक्रेटिक शपथ नए मेडिकल स्नातकों के लिए एक नैतिक संहिता है। ऐसा माना जाता है कि इसे प्राचीन यूनानी चिकित्सक हिप्पोक्रेट्स ने लिखा था। इस शपथ को वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन (WMA) द्वारा संशोधित किया गया था और इसे 1948 में जिनेवा की घोषणा के रूप में प्रचारित किया गया था। यह चिकित्सकों के पेशेवर कर्तव्यों की रूपरेखा तैयार करती है और वैश्विक चिकित्सा पेशे के नैतिक सिद्धांतों की पुष्टि करती है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA)
IMA भारत में चिकित्सकों का एक राष्ट्रीय स्वैच्छिक संगठन है। यह डॉक्टरों के हित या समुदाय की भलाई को देखता है। इसे 1928 में ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन के रूप में स्थापित किया गया था। 1930 में इसका नाम बदलकर “इंडियन मेडिकल एसोसिएशन” कर दिया गया। यह “भारत के समाज अधिनियम” के तहत पंजीकृत एक सोसायटी है।
विश्व चिकित्सा संघ (World Medical Association – WMA)
WMA मुक्त पेशेवर चिकित्सा संघों का एक स्वतंत्र और अंतर्राष्ट्रीय परिसंघ है। यह दुनिया भर के चिकित्सकों का प्रतिनिधित्व करता है। यह औपचारिक रूप से 18 सितंबर, 1947 को स्थापित किया गया था।