हर्मनप्रीत युग का अंत, भारतीय महिला क्रिकेट में नए नेतृत्व की तैयारी
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हर्मनप्रीत कौर ने 6 अक्टूबर 2026 को सभी प्रारूपों की कप्तानी छोड़ दी। 37 वर्षीय हर्मनप्रीत ने यह फैसला गुवाहाटी में बीसीसीआई की समीक्षा बैठक के बाद अपने इंस्टाग्राम बयान के जरिए साझा किया। उनके इस कदम के साथ भारतीय महिला क्रिकेट में एक अहम नेतृत्व परिवर्तन का दौर शुरू हो गया है।
कप्तानी का लंबा और प्रभावशाली सफर
हर्मनप्रीत कौर का कप्तानी सफर भारतीय महिला क्रिकेट के हालिया इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों में गिना जाएगा। उन्होंने 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ ग्वांगझू में टी20 मैच के दौरान पहली बार भारत की कप्तानी की थी। इसके बाद 2016 में उन्हें टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम की नियमित कप्तानी मिली। मिताली राज के संन्यास के बाद 2022 में वे वनडे टीम की कप्तान बनीं और 2023 में उन्हें सभी प्रारूपों की कमान सौंप दी गई।
महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कप्तान की भूमिका टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों प्रारूपों में टीम का नेतृत्व करने की होती है। भारतीय महिला टीम ने अलग-अलग समय पर प्रारूप-विशेष कप्तानों और फिर ऑल-फॉर्मेट कप्तान की व्यवस्था अपनाई है।
हर्मनप्रीत के नेतृत्व में भारत की उपलब्धियां
हर्मनप्रीत ने अपने कार्यकाल में भारत की 211 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी की। उनके नेतृत्व में भारत ने 51 वनडे में 30, 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय में 92 और पांच टेस्ट में चार मुकाबले जीते। यह आंकड़े दिखाते हैं कि उनके कार्यकाल में टीम ने कई प्रारूपों में स्थिर प्रदर्शन किया।
उनकी कप्तानी का सबसे बड़ा पड़ाव नवंबर 2025 में भारत की पहली महिला वनडे विश्व कप जीत रही। इसके अलावा 2026 में महिला टी20 क्रिकेट में एशियाई खेलों का लगातार दूसरा स्वर्ण पदक भी भारत ने उनके नेतृत्व में जीता। एशियाई खेलों में क्रिकेट को 2010 के दशक से शामिल किया गया है और महिला क्रिकेट टी20 प्रारूप में खेला जाता है।
अब आगे क्या, और क्यों है यह बदलाव अहम
गुवाहाटी में हुई समीक्षा बैठक में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया, उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार मौजूद थे। अब अगली पूर्णकालिक कप्तान के रूप में स्मृति मंधाना को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है, हालांकि औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
यह बदलाव सिर्फ कप्तानी का नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के अगले चरण की दिशा तय करने वाला कदम भी है। हाल के वर्षों में टीम ने विश्व स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है और अब नेतृत्व परिवर्तन के साथ नई रणनीति, नई जिम्मेदारियां और नए लक्ष्य सामने आएंगे।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- हर्मनप्रीत कौर ने 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ टी20 मैच में पहली बार भारत की कप्तानी की थी।
- वे 2022 में मिताली राज के संन्यास के बाद भारत की वनडे कप्तान बनीं।
- भारत ने उनके नेतृत्व में नवंबर 2025 में पहली महिला वनडे विश्व कप ट्रॉफी जीती।
- 2026 तक भारत ने महिला टी20 क्रिकेट में एशियाई खेलों का लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीता।
हर्मनप्रीत कौर का कप्तानी रिकॉर्ड भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक मजबूत आधार छोड़ता है। अब निगाहें इस पर होंगी कि टीम की अगली पूर्णकालिक कप्तान कौन बनती है और नया नेतृत्व इस विरासत को किस तरह आगे बढ़ाता है।