हम्पी, ताजमहल और बेकल किले के संरक्षण को मिलेगी नई गति

हम्पी, ताजमहल और बेकल किले के संरक्षण को मिलेगी नई गति

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), राष्ट्रीय संस्कृति कोष और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने 13 अक्टूबर 2026 को तीन ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए समझौता किया। इसके तहत कर्नाटक के हम्पी, उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित ताजमहल और केरल के बेकल किले में संरक्षण कार्यों के साथ पर्यटक सुविधाओं में सुधार किया जाएगा।

तीन वर्षों में 23.60 करोड़ रुपये की सहायता

समझौते के तहत एचएएल ने वित्त वर्ष 2026–27 से 2028–29 तक कुल 23.60 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी है। यह राशि तीन वित्त वर्षों में उपलब्ध कराई जाएगी। परियोजनाओं में ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण और परिरक्षण तथा आगंतुकों के लिए सुविधाओं का विकास शामिल है।

समझौते पर नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-02 में संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल की उपस्थिति में हस्ताक्षर हुए। एचएएल की ओर से उसके कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन) प्रदीप कुमार ने हस्ताक्षर किए। परियोजनाओं के क्रियान्वयन में एएसआई तकनीकी मार्गदर्शन और निगरानी प्रदान करेगा।

तीनों संस्थाओं की अलग-अलग भूमिका

एएसआई देश में पुरातात्विक अनुसंधान और केंद्र द्वारा संरक्षित स्मारकों तथा स्थलों की देखरेख करने वाली प्रमुख सरकारी संस्था है। इस परियोजना में उसकी विशेषज्ञता संरक्षण कार्यों को तकनीकी आधार देगी। राष्ट्रीय संस्कृति कोष संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है और भारत की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण तथा विकास के लिए सार्वजनिक और निजी स्रोतों से योगदान जुटाने में मदद करता है।

एचएएल सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन और रक्षा कंपनी है। इस समझौते के माध्यम से वह अपनी वित्तीय सहायता को संस्कृति मंत्रालय की धरोहर-संरक्षण व्यवस्था से जोड़ रही है। इससे सरकारी संस्थाओं के बीच सहयोग के जरिए ऐतिहासिक स्थलों के रखरखाव और आगंतुक सुविधाओं पर काम किया जा सकेगा।

विश्व धरोहर स्थलों से जुड़ी परियोजना

हम्पी विजयनगर साम्राज्य से जुड़ा महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है और इसे 1986 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था। मुगल बादशाह शाहजहाँ द्वारा बनवाया गया संगमरमर का मकबरा ताजमहल 1983 से इस सूची का हिस्सा है। बेकल किला केरल में अरब सागर के किनारे स्थित है। तीनों स्थलों की प्रकृति और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि अलग-अलग है, इसलिए संरक्षण कार्यों में स्थल-विशेष की जरूरतों को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण होगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की स्थापना 1861 में हुई थी और अलेक्जेंडर कनिंघम इसके पहले महानिदेशक थे।
  • प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम 1958 में बनाया गया था।
  • राष्ट्रीय संस्कृति कोष की स्थापना 1996 में संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत हुई थी।
  • हम्पी और ताजमहल यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में क्रमशः 1986 और 1983 में शामिल किए गए।

यह समझौता सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी, संस्कृति मंत्रालय से जुड़ी संस्थाओं और पुरातत्व विशेषज्ञों के सहयोग से धरोहर स्थलों के संरक्षण को आगे बढ़ाने की पहल है।

Originally written on October 14, 2026 and last modified on October 14, 2026.

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