सेमीकंडक्टर निवेश से मध्य प्रदेश में नई औद्योगिक संभावनाएं
मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर शिखर सम्मेलन 23 अक्टूबर 2026 को इंदौर में शुरू हुआ। सम्मेलन में राज्य के लिए 15,400 करोड़ रुपये से अधिक के सेमीकंडक्टर निवेश प्रस्ताव सामने आए। घोषित निवेश से चिप निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत पैकेजिंग से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
निवेश प्रस्तावों से रोजगार की उम्मीद
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, नए प्रस्तावों से 10,000 से अधिक रोजगार अवसर बन सकते हैं। इनमें लगभग 5,800 करोड़ रुपये के नए प्रस्ताव और पांच कंपनियों को भूमि आवंटन के आशय-पत्र शामिल हैं। इन पांच परियोजनाओं का प्रस्तावित मूल्य करीब 10,000 करोड़ रुपये बताया गया। कुल निवेश के लिए 15,400 करोड़ रुपये से अधिक और 15,800 करोड़ रुपये—दोनों आंकड़े सामने आए हैं; बाद वाला आंकड़ा 10,000 करोड़ और 5,800 करोड़ रुपये को जोड़कर बताया गया है। ये प्रस्ताव हैं, इन्हें स्थापित निवेश या पूर्ण परियोजना नहीं माना जाना चाहिए।
ऊना इकोसिस्टम्स ने 2,000 करोड़ रुपये की इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण इकाई का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 2,000 रोजगार बनने का अनुमान है। स्पिनट्रॉनिक्स एआई सेमीकंडक्टर्स ने दो चरणों में 1,800 करोड़ रुपये और लालवाला इंडस्ट्रीज ने सेमीकंडक्टर निर्माण तथा चिप डिजाइन के लिए 1,200 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव रखा। धानुष हेल्थकेयर सिस्टम्स ने 400 करोड़, बियॉन्ड स्टूडियोज ने 110 करोड़, इंडसिलिका सेमीकंडक्टर्स ने 100 करोड़, नैनोड्राइट्स टेक्नोलॉजी ने 65 करोड़ और ट्रूचिप सॉल्यूशंस ने 10 करोड़ रुपये के प्रस्ताव दिए।
चिप पैकेजिंग और डिजाइन पर जोर
पैकेजिंग क्षेत्र की प्रमुख प्रस्तावित परियोजनाओं में पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज की सहायक कंपनी पारस सेमीकंडक्टर्स की योजना शामिल है। कंपनी ने 22 जुलाई 2026 को इंदौर–उज्जैन क्षेत्र में 6,200 करोड़ रुपये की हरित-क्षेत्र सुविधा के लिए समझौता ज्ञापन किया था। यहां आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट यानी ओएसएटी का काम प्रस्तावित है। इस प्रक्रिया में चिप की असेंबली, पैकेजिंग और परीक्षण शामिल होते हैं।
प्रस्तावित इकाई में 2.5डी और 3डी उन्नत एकीकृत परिपथ पैकेजिंग तथा 3डी विषम एकीकरण की योजना है। विषम एकीकरण में अलग-अलग प्रकार के चिप या सेमीकंडक्टर घटकों को एक ही पैकेज में जोड़ा जाता है। इससे चिप डिजाइन और पैकेजिंग की उन्नत क्षमताओं को एक स्थान पर विकसित करने का अवसर मिल सकता है।
अनुसंधान और कौशल विकास की योजनाएं
राज्य सरकार ने फोटोनिक्स एवं क्वांटम तकनीकों के लिए उत्कृष्टता केंद्र और सेमीकंडक्टर उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की योजना भी घोषित की। इन केंद्रों के लक्षित क्षेत्र अनुसंधान, नवाचार, चिप डिजाइन और कौशल विकास हैं। शिखर सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने 12 से अधिक कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों से अलग-अलग बैठकें कीं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ओएसएटी का पूरा नाम आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट है।
- ईएसडीएम का अर्थ इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण है।
- एकीकृत परिपथ में अर्धचालक पदार्थ पर बने परस्पर जुड़े इलेक्ट्रॉनिक घटक होते हैं।
- फोटोनिक्स में प्रकाश का निर्माण, संचरण और पहचान शामिल है।
प्रस्तावित परियोजनाएं आगे बढ़ने पर मध्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर निर्माण, पैकेजिंग और डिजाइन से जुड़ा औद्योगिक आधार मजबूत हो सकता है।