सेबी-भाषिणी साझेदारी से निवेशकों तक पहुंचेगी वित्तीय जानकारी

सेबी-भाषिणी साझेदारी से निवेशकों तक पहुंचेगी वित्तीय जानकारी

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 3 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग (डीआईबीडी) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का उद्देश्य सेबी की सेवाओं और वित्तीय जानकारी को भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराकर अधिक निवेशकों तक पहुंचाना है।

क्षेत्रीय भाषाओं में निवेशक सेवाओं पर जोर

समझौते पर सेबी के पूर्णकालिक सदस्य संदीप प्रधान और डीआईबीडी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ नाग ने हस्ताक्षर किए। इसके तहत सेबी भाषिणी के भाषा-संबंधी साधनों और अनुप्रयोगों का उपयोग करेगा। इससे निवेशकों को अपनी भाषा में जानकारी समझने और सेबी की सेवाओं तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। समझौता हस्ताक्षर होते ही प्रभावी हो गया है। हालांकि, सेबी ने यह नहीं बताया है कि बहुभाषी सेवाएं आम लोगों के लिए कब उपलब्ध होंगी।

अनुवाद से लेकर आवाज आधारित सुविधा तक

साझेदारी में स्वचालित वाक् पहचान, पाठ से वाणी, मशीन अनुवाद और प्रकाशीय अक्षर पहचान जैसी तकनीकें शामिल हैं। स्वचालित वाक् पहचान बोलकर दी गई जानकारी को पाठ में बदलती है, जबकि पाठ से वाणी की तकनीक लिखित सामग्री को सुनने योग्य बनाती है। प्रकाशीय अक्षर पहचान दस्तावेजों या चित्रों में मौजूद लिखावट को डिजिटल पाठ में बदल सकती है। इन सुविधाओं से अलग-अलग माध्यमों में उपलब्ध जानकारी को अधिक सुलभ बनाया जा सकता है।

समझौते का एक अन्य उद्देश्य प्रतिभूति बाजार से जुड़े विशेष शब्दों के अनुरूप भाषिणी के भाषा मॉडलों को बेहतर बनाना है। सामान्य अनुवाद प्रणाली में वित्तीय और नियामकीय शब्दों का अर्थ संदर्भ के अनुसार बदल सकता है। ऐसे में क्षेत्र-विशेष के शब्दों के आधार पर अनुवाद प्रणाली को ढालने से तकनीकी सामग्री के अनुवाद में अधिक स्थिरता लाने में मदद मिल सकती है।

डिजिटल इंडिया के संस्थागत ढांचे से जुड़ी पहल

डीआईबीडी, डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन के अंतर्गत एक स्वतंत्र प्रभाग है। डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा स्थापित धारा 8 की गैर-लाभकारी कंपनी है। सेबी और भाषिणी का यह सहयोग वित्तीय जानकारी को भाषाई बाधाओं से परे ले जाने की दिशा में है। निवेशकों के लिए नियमों, सेवाओं और बाजार-संबंधी सूचनाओं को समझना आसान होना वित्तीय जागरूकता और समावेशन को मजबूत कर सकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सेबी भारत के प्रतिभूति बाजार का नियामक है।
  • स्वचालित वाक् पहचान बोली गई भाषा को पाठ में बदलने में उपयोगी है।
  • प्रकाशीय अक्षर पहचान चित्र या दस्तावेज में मौजूद पाठ को मशीन-पठनीय रूप देती है।
  • डीआईबीडी, डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन के अंतर्गत कार्य करता है।

इस पहल का वास्तविक असर तब दिखेगा, जब निवेशकों को प्रमुख वित्तीय सेवाएं और बाजार-संबंधी जानकारी उनकी पसंद की भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होने लगेगी।

Originally written on November 4, 2026 and last modified on November 4, 2026.

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