सूर्य के शांत क्षेत्र में मिलीं महीन चुंबकीय संरचनाएँ
खगोलविदों ने सूर्य के अपेक्षाकृत शांत क्षेत्र के ऊपर स्थित वर्णमंडल में धागे जैसी महीन चुंबकीय संरचनाओं का पता लगाया है। यह अवलोकन अंतरराष्ट्रीय सौर वेधशाला सनराइज़-III से किया गया। शोध के निष्कर्ष 24 अक्टूबर 2026 को The Astrophysical Journal Letters में प्रकाशित हुए। अध्ययन से सूर्य के वायुमंडल में चुंबकीय क्षेत्रों की बनावट और ऊँचाई के साथ उनके बदलाव को समझने में मदद मिलती है।
सूर्य के वायुमंडल में चुंबकीय छत्र
सूर्य के वायुमंडल की तीन प्रमुख परतें प्रकाशमंडल, वर्णमंडल और कोरोना हैं। प्रकाशमंडल सूर्य की दिखाई देने वाली सतह है, जबकि वर्णमंडल इसके ऊपर और कोरोना सबसे बाहरी परत है। प्रकाशमंडल में केंद्रित चुंबकीय क्षेत्र जब बाहर की ओर फैलकर वर्णमंडल में मेहराबनुमा आकार बनाते हैं, तो इस क्षेत्र को चुंबकीय छत्र कहा जाता है।
सनराइज़-III के अवलोकनों में इस छत्र के भीतर संकरी, धागे जैसी चुंबकीय आकृतियाँ दिखाई दीं। इससे संकेत मिलता है कि चुंबकीय क्षेत्र हर जगह एक समान रूप से फैलने के बजाय कुछ हिस्सों में महीन संरचनाएँ बना सकते हैं। अध्ययन में सूर्य के ऐसे शांत क्षेत्र को देखा गया जहाँ प्रमुख सनस्पॉट जैसी विशेषताएँ नहीं थीं। इन क्षेत्रों के चुंबकीय क्षेत्र सक्रिय क्षेत्रों की तुलना में सामान्यतः कमजोर होते हैं, इसलिए उनकी बारीक बनावट मापना कठिन होता है।
उच्च ऊँचाई से सूर्य का अवलोकन
सनराइज़-III एक मीटर दूरबीन पर आधारित अंतरराष्ट्रीय सौर अनुसंधान परियोजना है। इसे ऊँचाई पर उड़ने वाले गुब्बारे के जरिए ले जाया गया। वर्ष 2024 के अभियान में यह पृथ्वी से लगभग 35 किलोमीटर ऊपर समतापमंडल तक पहुँचा। वहाँ वायुमंडलीय व्यवधान जमीन से किए गए अवलोकनों की तुलना में कम रहता है।
इस वेधशाला के एक उपकरण, एससीआईपी (सनराइज़ क्रोमोस्फेरिक इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोपोलरिमीटर), का विकास जापान की राष्ट्रीय खगोलीय वेधशाला के नेतृत्व में हुआ। यह निकट-अवरक्त उपकरण सूर्य के वायुमंडल की अलग-अलग परतों में चुंबकीय क्षेत्रों को मापता है। इसी से शोधकर्ताओं को विभिन्न ऊँचाइयों पर चुंबकीय क्षेत्र का अध्ययन करने में सहायता मिली।
चुंबकीय धागों और सौर जेट का महत्व
कंप्यूटर सिमुलेशन में सनराइज़-III के दर्ज पैटर्न दोहराए गए। इनके अनुसार, सूर्य की सतह पर होने वाली घुमावदार हलचलें ऊपर के वायुमंडल में चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं को धागे जैसी आकृति दे सकती हैं। ये मापन सूर्य के वायुमंडल में ऊर्जा के ऊपर की ओर स्थानांतरण को समझने के लिए प्रासंगिक हैं, जहाँ यह ऊर्जा वायुमंडलीय गर्मी में योगदान देती है।
अभियान में सूर्य के किनारे के पास दिखाई देने वाले स्पिक्यूल्स के चुंबकीय क्षेत्र भी मापे गए। स्पिक्यूल्स सूर्य की दिखाई देने वाली सीमा से ऊपर उठने वाले पदार्थ के संकरे जेट हैं। शोधकर्ताओं ने उनकी ऊँचाई के साथ चुंबकीय क्षेत्र में होने वाले बदलावों का मानचित्रण किया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सूर्य की दिखाई देने वाली सतह को प्रकाशमंडल कहा जाता है।
- वर्णमंडल प्रकाशमंडल के ऊपर और कोरोना के नीचे स्थित है।
- स्पिक्यूल्स सूर्य की दिखाई देने वाली सीमा से ऊपर उठने वाले पदार्थ के संकरे जेट हैं।
- सनराइज़-III ने 2024 के अभियान में एक मीटर दूरबीन को ऊँचाई वाले गुब्बारे से समतापमंडल तक पहुँचाया था।
शांत सौर क्षेत्रों और स्पिक्यूल्स के चुंबकीय मापन सूर्य के वायुमंडल की जटिल संरचना को अधिक स्पष्ट करते हैं।