वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शासन की दिशा में संयुक्त राष्ट्र की ऐतिहासिक पहल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 26 अगस्त 2025 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के वैश्विक शासन को सुदृढ़ करने हेतु दो नई संस्थागत संरचनाओं की घोषणा का स्वागत किया। ये दोनों पहलें न केवल तकनीकी विकास को दिशा देने का प्रयास हैं, बल्कि वैश्विक डिजिटल समानता, नैतिकता और स्थायित्व के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
AI शासन के लिए दो नई वैश्विक संस्थाएं
1. संयुक्त राष्ट्र स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पैनल ऑन AI
यह पैनल वैज्ञानिक अनुसंधान और नीति निर्माण के बीच सेतु का कार्य करेगा, जिसका उद्देश्य निम्नलिखित होगा:
- AI से संबंधित वैज्ञानिक रुझानों, जोखिमों और नई तकनीकों पर स्वतंत्र और कठोर मूल्यांकन
- सामाजिक, नैतिक और आर्थिक प्रभावों की निगरानी
- वैश्विक नीति निर्माण को वैज्ञानिक साक्ष्यों से समर्थन
प्रक्रिया और कार्यशैली:
- खुली नामांकन प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी, ताकि वैश्विक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके।
- पैनल हर वर्ष वार्षिक रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसकी समीक्षा ग्लोबल डायलॉग ऑन AI गवर्नेंस सत्रों में की जाएगी (2026 में जिनेवा और 2027 में न्यूयॉर्क में प्रस्तावित)।
2. ग्लोबल डायलॉग ऑन AI गवर्नेंस
यह संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत एक समावेशी बहुपक्षीय मंच होगा, जो सभी हितधारकों को जोड़कर वैश्विक AI नीति पर संवाद और समन्वय को बढ़ावा देगा।
मुख्य भागीदार:
- सदस्य राष्ट्र
- प्रौद्योगिकी उद्योग के नेता
- नागरिक समाज संगठन
- शिक्षाविद और शोधकर्ता
उद्देश्य:
- AI से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर चर्चा जैसे कि एल्गोरिदमिक भेदभाव, ग़लत सूचना प्रसार, स्वचालित हथियार, और नौकरियों का स्थानांतरण
- नीति नवाचार और नैतिक शासन की दिशा में वैश्विक समझ बनाना
प्रथम बैठकें:
- जुलाई 2026: जिनेवा
- 2027: न्यूयॉर्क
डिजिटल समझौते की दिशा में एक मजबूत कदम
ये दोनों संस्थाएं ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट के सिद्धांतों पर आधारित हैं, जो सितंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र के पैक्ट फॉर द फ्यूचर के हिस्से के रूप में अपनाया गया था। इसका उद्देश्य है:
- डिजिटल अधिकार और जिम्मेदारियां सुनिश्चित करना
- समावेशी, सुरक्षित और न्यायसंगत डिजिटल पारिस्थितिकी का निर्माण
- तकनीक तक समान पहुँच और जिम्मेदार नवाचार को प्रोत्साहन
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट संयुक्त राष्ट्र का एक ढांचा है जो वैश्विक डिजिटल सहयोग और नैतिक तकनीकी विकास को बढ़ावा देता है।
- ग्लैंडर्स के समान, AI को भी अब वैश्विक नीति नियोजन और शासन का हिस्सा बनाया जा रहा है।
- यह पहली बार है जब संयुक्त राष्ट्र ने AI नीति पर स्वतंत्र वैज्ञानिक पैनल और बहुपक्षीय संवाद मंच दोनों की स्थापना की है।
- संयुक्त राष्ट्र की यह पहल, US-EU AI Pact, G7 AI Principles जैसी अन्य अंतरराष्ट्रीय पहलों को समन्वय देने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।
निष्कर्ष
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तीव्र विकास और उससे उत्पन्न हो रहे सामाजिक, नैतिक और तकनीकी सवालों के बीच संयुक्त राष्ट्र की यह दोहरी पहल—वैज्ञानिक पैनल और वैश्विक संवाद मंच—एक संतुलित, समावेशी और विज्ञान-आधारित वैश्विक शासन तंत्र की नींव रखती है। यह न केवल AI के लाभों को अधिकतम करने बल्कि इसके जोखिमों को न्यूनतम करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, जो सभी मानवता के हित में है।