लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार ने संभाली 1 कोर की कमान
लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार ने 1 अक्टूबर 2026 को भारतीय सेना की 1 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग का पदभार संभाल लिया। यह कोर ‘स्ट्राइक वन कोर’ के नाम से भी जानी जाती है और इसका मुख्यालय उत्तर प्रदेश के मथुरा में स्थित है। उन्होंने इस पद पर लेफ्टिनेंट जनरल वी. हरिहरन का स्थान लिया है।
1 कोर क्यों है महत्वपूर्ण
भारतीय सेना की 1 कोर प्रमुख आक्रामक संरचनाओं में शामिल है। इसे स्ट्राइक कोर कहा जाता है, यानी ऐसी सैन्य संरचना जिसे तेज, प्रभावी और उच्च तत्परता वाली आक्रामक कार्रवाइयों के लिए तैयार रखा जाता है। मथुरा जैसे रणनीतिक सैन्य केंद्र में इसका मुख्यालय होना इसकी परिचालन अहमियत को और बढ़ाता है।
लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार का सैन्य सफर
नई जिम्मेदारी संभालने से पहले लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार एडजुटेंट जनरल की शाखा में अतिरिक्त महानिदेशक, अनुशासन एवं सतर्कता के पद पर कार्यरत थे। उनकी सैन्य पृष्ठभूमि मजबूत रही है। उन्होंने सैनिक स्कूल, तिलैया और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1992 में उन्हें राजपूताना राइफल्स की 4वीं बटालियन में कमीशन मिला।
राजपूताना राइफल्स भारतीय सेना की सबसे पुरानी पैदल सेना रेजिमेंटों में गिनी जाती है। ऐसे में इस रेजिमेंट से जुड़े अधिकारी का एक प्रमुख स्ट्राइक फॉर्मेशन की कमान संभालना सैन्य नेतृत्व के अनुभव और भरोसे को दर्शाता है।
सम्मान और उपलब्धियां
लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार को सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है। ये दोनों सम्मान भारतीय सेना में विशिष्ट और सराहनीय सेवा के लिए दिए जाते हैं। उनकी सेवा-यात्रा और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए 1 कोर की कमान एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानी जा रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- 1 कोर भारतीय सेना की प्रमुख आक्रामक संरचनाओं में से एक है और इसे स्ट्राइक कोर कहा जाता है।
- 1 कोर का मुख्यालय मथुरा, उत्तर प्रदेश में स्थित है।
- लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार ने 1 अक्टूबर 2026 को 1 कोर की कमान संभाली।
- उन्होंने 1992 में राजपूताना राइफल्स की 4वीं बटालियन में कमीशन प्राप्त किया था।
इस नियुक्ति के साथ भारतीय सेना की एक अहम स्ट्राइक फॉर्मेशन को नया नेतृत्व मिला है। लेफ्टिनेंट जनरल अखिलेश कुमार का अनुभव, प्रशिक्षण और सेवा रिकॉर्ड इस जिम्मेदारी को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।