माउंट फुजी विस्फोट पर जापान का एआई वीडियो: खतरे की चेतावनी या जागरूकता प्रयास?

जापान ने हाल ही में माउंट फुजी के संभावित विस्फोट का एक एआई-जनित वीडियो जारी किया है, जो यह दर्शाता है कि इस तरह की आपदा की स्थिति में क्या हो सकता है और जनता को कैसे तैयार रहना चाहिए। यह वीडियो राजधानी टोक्यो में राख फैलने, बिजली और संचार व्यवस्था ठप होने तथा परिवहन अवरुद्ध होने जैसी गंभीर परिस्थितियों को चित्रित करता है। इसका उद्देश्य लोगों को कम से कम तीन दिन के भोजन का भंडारण करने और मास्क तथा गॉगल्स पहनकर बाहर निकलने की सलाह देना है।

जागरूकता के उद्देश्य से जारी हुआ वीडियो

यह वीडियो 26 अगस्त को जारी किया गया, जो जापान में ‘ज्वालामुखी आपदा रोकथाम दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन 1911 में माउंट असामा पर देश का पहला ज्वालामुखी वेधशाला स्थापित किया गया था। माउंट फुजी वर्तमान में विस्फोट के कगार पर नहीं है, लेकिन यह एक सक्रिय ज्वालामुखी है, जिसका अर्थ है कि भविष्य में यह कभी भी विस्फोट कर सकता है। इसीलिए जापानी प्रशासन समय-समय पर जनता में जागरूकता बढ़ाने के लिए इस तरह के प्रयास करता रहता है। इससे पहले मार्च में भी सरकार ने एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की थी जिसमें संभावित विस्फोट की स्थिति में उठाए जाने वाले कदमों का वर्णन किया गया था।

ज्वालामुखी विस्फोट की प्रक्रिया और अनुमान

ज्वालामुखी पृथ्वी की सतह पर वह स्थान होता है जहाँ से मैग्मा (पिघला हुआ लावा) ज़मीन के अंदर की दरारों से होकर बाहर निकलता है। जब यह लावा सतह पर आता है, तो वह आसपास की बस्तियों को नष्ट कर सकता है। राख हज़ारों मील तक फैल सकती है और इसे साफ़ करना बेहद कठिन होता है।
वैज्ञानिकों द्वारा ज्वालामुखी विस्फोट की भविष्यवाणी कई तरीकों से की जाती है, जैसे:

  • क्षेत्र में भूकंपों की वृद्धि
  • ज़मीन की सतह में विकृति
  • गर्म जलस्रोतों के तापमान और रासायनिक संरचना में बदलाव

हालांकि, ये सभी संकेत निश्चित नहीं होते। माउंट फुजी में 1707 में अंतिम विस्फोट से पहले दो वर्षों तक भूकंप आए थे, लेकिन हर बार ऐसा होना आवश्यक नहीं। कुछ ज्वालामुखी बिना किसी चेतावनी के भी विस्फोट कर सकते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • माउंट फुजी ने अंतिम बार दिसंबर 1707 में विस्फोट किया था।
  • ‘ज्वालामुखी आपदा रोकथाम दिवस’ जापान में 26 अगस्त को मनाया जाता है।
  • माउंट फुजी को जापान के “तीन पवित्र पर्वतों” में गिना जाता है।
  • सक्रिय ज्वालामुखी वे होते हैं जो मैग्मा स्रोत से जुड़े रहते हैं, भले ही उन्होंने सदियों से विस्फोट न किया हो।

जापान का यह वीडियो कुछ विशेषज्ञों द्वारा ‘अत्यधिक डराने वाला’ बताया गया है, जिससे पर्यटकों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि इससे भविष्य की आपदाओं के प्रति जागरूकता और तैयारी बढ़ेगी, ताकि 2011 की तरह वे अचंभे में न रह जाएं।
यह प्रयास एक सावधानी भरा कदम है, न कि यह संकेत कि माउंट फुजी जल्द ही फटने वाला है। यह दर्शाता है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के सहारे हम भविष्य की अनिश्चितताओं के लिए कितने सचेत हो सकते हैं।

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