भारत ने विशेष बलों, हेलीबोर्न और मल्टी-डोमेन ऑपरेशनों पर संयुक्त सिद्धांत जारी किए: एकीकृत रक्षा की दिशा में बड़ा कदम

भारतीय सशस्त्र बलों की संयुक्तता और एकीकरण (Jointness and Integration) की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए, भारत ने तीन संयुक्त सैन्य सिद्धांत (Joint Doctrines) जारी किए हैं। इनमें विशेष बलों (Special Forces – SF), हेलीबोर्न और मल्टी-डोमेन ऑपरेशनों को लेकर दिशा-निर्देश शामिल हैं। यह कदम भारत की थियेटराइजेशन (Theaterisation) प्रक्रिया को गति देने वाला माना जा रहा है।
विशेष बलों के लिए संयुक्त सिद्धांत
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने सेना वार कॉलेज में आयोजित “रण संवाद 2025” में विशेष बलों के संयुक्त सिद्धांत को जारी किया। इसका उद्देश्य सेना की पैरा-SF, नौसेना की MARCOS और वायुसेना की गरुड़ यूनिट्स के बीच आपसी समझ, साझा प्रक्रियाएं और संवाद क्षमता को सुदृढ़ बनाना है।
प्रमुख बिंदु:
- संयुक्त प्रशिक्षण: सभी SF इकाइयों को उन्नत कौशलों पर संयुक्त रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा।
- संयुक्त सेवा प्रशिक्षण संस्थान (JSTIs) की स्थापना प्रस्तावित, जहां प्रत्येक संस्थान किसी एक प्रमुख दक्षता में “Centre of Excellence” होगा।
- तकनीकी क्षमता: इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, नाइट विजन, और सटीक-निर्देशित हथियारों की दिशा-निर्देश प्रक्रिया पर जोर।
हेलीबोर्न और एयरबोर्न ऑपरेशनों का सिद्धांत
दूसरे सिद्धांत में हवाई और हेलीकॉप्टर आधारित अभियान (airborne/heliborne operations) की सफलता के लिए उन्नत तकनीकों, संयुक्त अभ्यास और एकीकृत रणनीति की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
- संवेदनशील इलाकों में तेजी से पहुंच, रात में संचालन, खराब मौसम में क्रियान्वयन और उच्च स्तर की समन्वय क्षमता इसका मुख्य उद्देश्य है।
- इस सिद्धांत के अनुसार, भविष्य की सैन्य चुनौतियों का सामना करने के लिए यह एक “निर्णायक सैन्य शक्ति” के रूप में कार्य करेगा।
मल्टी-डोमेन ऑपरेशनों का संयुक्त सिद्धांत
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा जारी मल्टी-डोमेन ऑपरेशनों (MDO) के संयुक्त सिद्धांत में थल, जल, वायु, अंतरिक्ष, साइबर और संज्ञानात्मक क्षेत्रों में एकीकृत और तालमेलपूर्ण सैन्य शक्ति की अवधारणा को प्रस्तुत किया गया है।
- तेज, लचीला और प्रतिक्रियाशील सैन्य ढांचा बनाने का लक्ष्य
- 21वीं सदी की सैन्य रणनीतियों के अनुसार सेना को संगठित, योजनाबद्ध और संचालन करने की दिशा में पहला कदम
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत की विशेष बल इकाइयां: पैरा SF (सेना), MARCOS (नौसेना), और गरुड़ कमांडो (वायुसेना)
- “रण संवाद 2025” का आयोजन सेना वार कॉलेज में किया गया।
- मल्टी-डोमेन ऑपरेशनों में अब अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्र भी शामिल हैं, जो भविष्य के युद्धों में निर्णायक होंगे।
- यह पहली बार है जब भारत ने तीनों सेनाओं के लिए एकीकृत सैन्य सिद्धांत इतने संगठित ढंग से प्रस्तुत किए हैं।
निष्कर्ष
भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा जारी किए गए ये तीन संयुक्त सिद्धांत भविष्य के युद्धों की तैयारी में मील का पत्थर साबित होंगे। यह केवल सैद्धांतिक दस्तावेज नहीं हैं, बल्कि थियेटर कमांड प्रणाली की नींव तैयार करने वाले रणनीतिक रोडमैप हैं। आधुनिक युद्धक्षेत्र की जटिलता को देखते हुए, यह कदम भारत की रक्षा तैयारियों को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।