भारत की मल्टीसेंसर सैटेलाइट तकनीक को TDB से नई रफ्तार
टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड (TDB) ने बेंगलुरु स्थित गैलैक्सआई स्पेस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत मल्टीसेंसर सैटेलाइट परियोजना को वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह सहयोग भारत में उन्नत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, खासकर उच्च-रिज़ॉल्यूशन इमेजिंग और निगरानी क्षमता, को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
क्या है यह परियोजना
इस समझौते के तहत 63.84 करोड़ रुपये की सहायता रिसर्च डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (RDI) फंड से दी जाएगी। परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 247.69 करोड़ रुपये है। इसका उद्देश्य एक ऐसी अगली पीढ़ी की मल्टीसेंसर सैटेलाइट विकसित करना है, जो 0.5 मीटर से कम की उच्च-रिज़ॉल्यूशन OptoSAR इमेजिंग क्षमता के साथ काम कर सके।
OptoSAR तकनीक में सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल (EO) सेंसर को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाता है। SAR बादलों और रात में भी माइक्रोवेव संकेतों के जरिए डेटा जुटा सकता है, जबकि EO सेंसर दृश्य प्रकाश के आधार पर तस्वीरें लेता है। दोनों तकनीकों का संयोजन निगरानी और पृथ्वी अवलोकन को अधिक प्रभावी बनाता है।
टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड और RDI फंड की भूमिका
TDB का गठन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड अधिनियम, 1995 के तहत किया गया था और यह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन काम करता है। इसका काम देश में तकनीकी विकास को बढ़ावा देना और नवाचार को व्यावसायिक स्तर तक पहुंचाने में मदद करना है।
RDI फंड का उपयोग रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों में तकनीक विकास, नवाचार और कमर्शियलाइजेशन को समर्थन देने के लिए किया जाता है। इस तरह की सहायता उन परियोजनाओं के लिए खास होती है, जिनमें अनुसंधान को वास्तविक उपयोग योग्य उत्पाद या प्रणाली में बदलने की क्षमता हो।
परियोजना से क्या हासिल होने की उम्मीद है
इस परियोजना के जरिए OptoSAR तकनीक को टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल 6 से टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल 9 तक ले जाने का लक्ष्य है। TRL-6 का मतलब है कि प्रोटोटाइप को उपयुक्त वातावरण में प्रदर्शित किया जा चुका है, जबकि TRL-9 का अर्थ है कि तकनीक वास्तविक परिचालन उपयोग में सिद्ध हो चुकी है।
यह मल्टीसेंसर सैटेलाइट व्यापक क्षेत्र की निगरानी, मानव पहचान, वाहन पहचान और लक्ष्य वर्गीकरण जैसे कार्यों में उपयोगी हो सकती है। ऐसे सिस्टम पृथ्वी अवलोकन, रिमोट सेंसिंग और रक्षा-संबंधी निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- TDB, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन कार्य करता है।
- गैलैक्सआई स्पेस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड का मुख्यालय बेंगलुरु, कर्नाटक में है।
- SAR तकनीक रात में और हर मौसम में डेटा जुटाने में सक्षम होती है।
- टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल तकनीक की परिपक्वता मापने की नौ-स्तरीय प्रणाली है।
यह समझौता भारत में निजी अंतरिक्ष कंपनियों और सरकारी संस्थानों के बीच बढ़ते सहयोग का संकेत देता है। उन्नत सैटेलाइट तकनीक के क्षेत्र में ऐसी पहलें देश की निगरानी, सुरक्षा और पृथ्वी अवलोकन क्षमता को नई दिशा दे सकती हैं।