फ्रांस की एम51.3 मिसाइल परीक्षा से परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती
फ्रांस ने 6 अक्टूबर 2026 को अपनी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी ‘ले विजिलां’ से उन्नत एम51.3 रणनीतिक मिसाइल का परीक्षण किया। अस्त्ररहित मिसाइल को पश्चिमी फ्रांस के फिनिस्तेयर तट के पास से छोड़ा गया और वह तट से कई सौ किलोमीटर दूर उत्तरी अटलांटिक में गिरी। यह परीक्षण पनडुब्बी की व्यापक मध्यावधि मरम्मत और उन्नयन के बाद किया गया।
पनडुब्बी से संचालित परमाणु प्रतिरोधक क्षमता
फ्रांस की परमाणु प्रतिरोधक व्यवस्था का एक अहम आधार उसकी समुद्र-आधारित क्षमता है। देश की परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां, जिन्हें एसएसबीएन कहा जाता है, बैलिस्टिक मिसाइलों को अपने साथ ले जाने और समुद्र से दागने के लिए बनाई जाती हैं। इन पनडुब्बियों पर तैनात एम51 मिसाइल प्रणाली फ्रांस को समुद्र से जवाबी कार्रवाई की क्षमता देती है।
‘ऑपरेशन स्मेर्त्रियोस’ नाम से हुआ यह प्रक्षेपण स्वीकृति परीक्षण था। फ्रांस में पनडुब्बी की बड़ी मध्यावधि मरम्मत और आधुनिकीकरण प्रक्रिया को आईपीईआर कहा जाता है। ‘ले विजिलां’ के इस काम के बाद परीक्षण का उद्देश्य यह जांचना था कि पनडुब्बी एम51 प्रणाली को फिर से प्रभावी ढंग से संचालित कर सकती है या नहीं।
एम51.3 की क्षमता और विकास
एम51 मिसाइल का निर्माण एरियनग्रुप करता है। एम51.3 संस्करण ने 24 अक्टूबर 2025 को परिचालन सेवा में प्रवेश किया था। इससे पहले नवंबर 2023 में बिस्कारोस से इसका पहला भूमि-आधारित उड़ान परीक्षण किया गया था। इसकी अनुमानित मारक दूरी 9,500 किलोमीटर से अधिक है और इसे टीएनओ-2 समुद्री परमाणु वारहेड ले जाने के लिए तैयार किया गया है।
इस संस्करण में सटीकता और मिसाइल-रोधी रक्षा को भेदने की क्षमता में सुधार किया गया है। मिसाइल की उड़ान पर फ्रांस के आयुध महानिदेशालय के मिसाइल परीक्षण निदेशालय ने नजर रखी। परीक्षण में ‘मोंज’ नामक उपकरण-पोत भी शामिल था, जिसका उपयोग मिसाइल परीक्षणों के दौरान उड़ान से जुड़े आंकड़े जुटाने में किया जाता है।
परीक्षण का सामरिक महत्व
यह परीक्षण केवल मिसाइल की उड़ान का प्रदर्शन नहीं था; इससे उन्नयन के बाद पनडुब्बी और उसके हथियार तंत्र की कार्यक्षमता भी परखी गई। फ्रांस अपनी समुद्र-आधारित परमाणु प्रतिरोधक क्षमता के आधुनिकीकरण के साथ भविष्य की बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों के विकास पर भी काम कर रहा है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बहुउद्देशीय फ्रिगेट ‘ओवर्न’ से प्रक्षेपण देखा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एम51 फ्रांस की पनडुब्बी से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है और इसका निर्माण एरियनग्रुप करता है।
- ‘ले विजिलां’ फ्रांसीसी नौसेना की परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी है।
- एम51.3 का पहला भूमि-आधारित उड़ान परीक्षण नवंबर 2023 में बिस्कारोस से हुआ था।
- ‘मोंज’ फ्रांस का मिसाइल परीक्षणों में प्रयुक्त उपकरण-पोत है।
एम51.3 का परीक्षण फ्रांस की समुद्र-आधारित परमाणु क्षमता के आधुनिकीकरण और ‘ले विजिलां’ की मरम्मत के बाद उसकी तत्परता की पुष्टि करता है।