फ़ाज़ मिसाइल परीक्षण से पाकिस्तान की स्वदेशी रक्षा क्षमता को बढ़ावा

फ़ाज़ मिसाइल परीक्षण से पाकिस्तान की स्वदेशी रक्षा क्षमता को बढ़ावा

पाकिस्तान ने 3 नवंबर 2026 को अपनी पहली स्वदेशी रूप से विकसित फ़ाज़ हवा-से-हवा मिसाइल का उड़ान परीक्षण किया। इसे जेएफ-17 थंडर लड़ाकू विमान से दागा गया। यह परीक्षण पाकिस्तान वायुसेना के लिए घरेलू हथियार प्रणालियों का विस्तार करने और विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता घटाने की कोशिशों का हिस्सा है।

लंबी दूरी के हवाई लक्ष्यों पर निशाना

फ़ाज़ में उन्नत अंतिम चरण मार्गदर्शन प्रणाली बताई गई है, जिसका उद्देश्य दूर स्थित हवाई लक्ष्यों को खोजकर उन पर हमला करना है। विश्लेषकों के अनुसार, परीक्षण में इस्तेमाल हुआ संस्करण FAAZ-IIR हो सकता है। इसे इमेजिंग-इन्फ्रारेड मार्गदर्शन वाला बताया गया है और इसकी लक्ष्य पहचान क्षमता लगभग 40 किलोमीटर तक होने की खबरें हैं। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से इस संस्करण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

रिपोर्टों में फ़ाज़ परिवार के अन्य प्रस्तावित रूपों का भी उल्लेख है। FAAZ-RF को सक्रिय रडार मार्गदर्शन वाली मिसाइल बताया गया है, जिसकी दूरी 100 किलोमीटर से अधिक और अधिकतम गति मैक 3.5 बताई जाती है। FAAZ-2 विकासाधीन है और इसकी कथित मारक दूरी 180 से 200 किलोमीटर या उससे अधिक हो सकती है। इन क्षमताओं से जुड़ी जानकारी को आधिकारिक रूप से पुष्ट विवरण नहीं माना जाना चाहिए।

विकास और स्वदेशी तकनीक पर बहस

मिसाइल का प्रमुख विकासकर्ता एयर वेपन्स कॉम्प्लेक्स बताया गया है, जो राष्ट्रीय इंजीनियरिंग एवं वैज्ञानिक आयोग (NESCOM) के अंतर्गत एक प्रभाग के रूप में संचालित होता है। ग्लोबल इंडस्ट्रियल एंड डिफेन्स सॉल्यूशंस (GIDS) फ़ाज़ मिसाइल परिवार का विपणन करता है। कुछ रिपोर्टों में फ़ाज़ को चीन की PL-9C मिसाइल का लाइसेंस-निर्मित रूप बताया गया है, जबकि पाकिस्तान के आधिकारिक वक्तव्य इसे स्वदेशी विकास बताते हैं।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी, प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और सैन्य नेतृत्व ने परीक्षण में शामिल वैज्ञानिकों तथा इंजीनियरों को बधाई दी। पाकिस्तान के अनुसार, घरेलू स्तर पर हथियार विकसित करने से वायुसेना की परिचालन क्षमता और विकल्प बढ़ेंगे। यह परीक्षण अक्टूबर 2026 में विस्तारित दूरी वाली फ़तह-2 बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण के बाद हुआ।

हवा-से-हवा मिसाइलों की मार्गदर्शन प्रणालियां

फ़ाज़ की रिपोर्टेड प्रणालियां आधुनिक मिसाइल मार्गदर्शन के दो अलग तरीकों की ओर ध्यान खींचती हैं। इमेजिंग-इन्फ्रारेड प्रणाली लक्ष्य से निकलने वाली ऊष्मा का चित्र-जैसा रूप बनाकर पहचान करती है, जबकि सक्रिय रडार प्रणाली मिसाइल में लगे रडार से लक्ष्य को खोजती और ट्रैक करती है। इन तकनीकों का इस्तेमाल हवाई युद्ध में लक्ष्य की पहचान और हमले की प्रक्रिया को प्रभावित करता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • इमेजिंग-इन्फ्रारेड खोजक लक्ष्य की ऊष्मा का चित्र-जैसा संकेत बनाता है और विमान तथा फ्लेयर जैसे गर्मी के स्रोतों में अंतर कर सकता है।
  • सक्रिय रडार मार्गदर्शन वाली मिसाइल में अपना रडार होता है, जिससे प्रक्षेपण के बाद विमान लक्ष्य का पीछा किए बिना हट सकता है।
  • एयर वेपन्स कॉम्प्लेक्स को वायुसेना से हथियार-विकास संबंधी दिशा मिलती है, जबकि इसका प्रबंधन NESCOM के अधीन है।
  • जेएफ-17 थंडर वह विमान है जिससे पाकिस्तान ने फ़ाज़ मिसाइल का परीक्षण किया।

फ़ाज़ की वास्तविक क्षमता और इसके विभिन्न संस्करणों की स्थिति आधिकारिक तकनीकी जानकारी आने के बाद अधिक स्पष्ट होगी। फिलहाल इसका परीक्षण पाकिस्तान की स्वदेशी रक्षा उत्पादन नीति और वायु-युद्ध क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है।

Originally written on November 4, 2026 and last modified on November 4, 2026.

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