प्रगति समीक्षा में परियोजनाओं और जनकल्याण पर जोर

प्रगति समीक्षा में परियोजनाओं और जनकल्याण पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अक्टूबर 2026 को सेवा तीर्थ में प्रगति की 54वीं बैठक की अध्यक्षता की। इसमें 31 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही 16,000 करोड़ रुपये से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में परियोजनाओं को समय पर पूरा करने, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की कमियों को दूर करने और नागरिकों तक लाभ पहुंचाने पर चर्चा हुई।

प्रगति मंच से केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय

प्रगति का पूरा नाम प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन है। यह सरकारी कार्यक्रमों और परियोजनाओं की समीक्षा तथा जन-शिकायतों के समाधान के लिए इस्तेमाल होने वाला तकनीक-आधारित मंच है। इसकी शुरुआत 2015 में हुई थी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस मंच पर प्रधानमंत्री, केंद्र सरकार के सचिव और राज्यों के मुख्य सचिव एक साथ समीक्षा कर सकते हैं।

54वीं बैठक में परियोजनाओं की प्रगति के साथ विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय से जुड़े मुद्दों पर भी विचार हुआ। प्रधानमंत्री ने समयबद्ध क्रियान्वयन और काम में आने वाली बाधाओं को पहले से पहचानकर उनका समाधान करने पर जोर दिया। उन्होंने मुख्य सचिवों से कहा कि वे जिला मजिस्ट्रेटों के साथ हर महीने समीक्षा करें, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में कमियां सामने आएं और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक समय पर पहुंचे।

रेलवे स्टेशन और थोक औषधि पार्कों की समीक्षा

बैठक में रेलवे स्टेशन पुनर्विकास पर भी चर्चा हुई। विकसित किए जा रहे स्टेशनों को ऐसे बहु-माध्यम परिवहन केंद्रों के रूप में देखा जा रहा है, जो परिवहन के अलग-अलग साधनों को जोड़ सकें। इस तरह स्टेशन पुनर्विकास केवल भवनों के सुधार तक सीमित न रहकर यात्रियों के आवागमन और विभिन्न परिवहन सेवाओं के बीच संपर्क बेहतर करने से भी जुड़ा है।

आंध्र प्रदेश, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में थोक औषधि पार्कों की प्रगति की समीक्षा की गई। थोक औषधियां, जिन्हें सक्रिय औषधीय घटक भी कहा जाता है, दवाओं के वे मुख्य घटक हैं जो उनका उपचारात्मक प्रभाव पैदा करते हैं। केंद्र सरकार की योजना इन पार्कों में साझा बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के लिए सहायता देती है।

स्थानीय उत्पादों और योजनाओं के नतीजों पर ध्यान

बैठक में पीएम एकता मॉल पहल पर भी विचार हुआ। इसका उद्देश्य स्थानीय कारीगरों और कारोबारियों को पर्यटन तथा स्थानीय व्यावसायिक नेटवर्क से जोड़ना है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं का आकलन केवल उनके बजटीय खर्च से नहीं, बल्कि नागरिकों को मिले वास्तविक लाभ के आधार पर भी किया जाना चाहिए। यह दृष्टिकोण परियोजनाओं की निगरानी को लोगों के जीवन पर पड़ने वाले असर से जोड़ता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • प्रगति का पूरा नाम प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन है।
  • प्रगति मंच की शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी।
  • सक्रिय औषधीय घटक दवा का वह प्रमुख घटक है, जो उपचारात्मक प्रभाव पैदा करता है।
  • 54वीं प्रगति बैठक 28 अक्टूबर 2026 को सेवा तीर्थ में आयोजित हुई।

प्रगति की समीक्षा व्यवस्था परियोजना निगरानी, सरकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और जन-शिकायतों के समाधान को एक मंच पर लाती है। 54वीं बैठक का जोर समय पर काम पूरा करने के साथ योजनाओं के लाभ को नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर रहा।

Originally written on October 29, 2026 and last modified on October 29, 2026.

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