डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग में भारत ने उठाया बड़ा कदम: TRAI ने आठ एजेंसियों को दी मान्यता

भारत में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूती देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के तहत भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने आठ संस्थाओं को डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसी (DCRA) के रूप में पंजीकृत किया है। यह कदम ‘Rating of Properties for Digital Connectivity Regulations, 2024’ के अंतर्गत उठाया गया है, जिससे देश में भवनों की डिजिटल कनेक्टिविटी का व्यवस्थित और मानकीकरण के साथ मूल्यांकन किया जा सकेगा।

क्या है डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसी (DCRA)?

DCRA एक अधिकृत संस्था होगी जो किसी भी संपत्ति की डिजिटल कनेक्टिविटी — जैसे इन-बिल्डिंग मोबाइल कवरेज, फाइबर रेडीनेस, वाई-फाई उपलब्धता और इंटरनेट स्पीड — का मूल्यांकन करेगी।

  • ये एजेंसियाँ TRAI द्वारा 13 अगस्त 2025 को जारी किए गए “Manual for Rating of Properties for Digital Connectivity” में वर्णित मानदंडों के अनुसार कार्य करेंगी।
  • मूल्यांकन के आधार पर संपत्तियों को ‘स्टार रेटिंग’ दी जाएगी, जो उपभोक्ताओं को यह समझने में मदद करेगी कि वहां डिजिटल सेवाओं की स्थिति कितनी अच्छी है।

कौन-कौन सी एजेंसियाँ हुईं मान्यता प्राप्त?

TRAI ने निम्नलिखित आठ कंपनियों को DCRA के रूप में पांच वर्षों के लिए पंजीकृत किया है:

  • अर्डोम टॉवरजेन प्राइवेट लिमिटेड
  • क्रेस्ट डिजिटेल प्राइवेट लिमिटेड
  • CTL इन्फोकॉम प्राइवेट लिमिटेड
  • ESTEX टेलिकॉम प्राइवेट लिमिटेड
  • फ्रॉग सेल्सैट लिमिटेड
  • फाईस्ट्रिम कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड
  • शौर्य टेलीसर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
  • TUV SUD साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • TRAI की स्थापना 1997 में हुई थी ताकि भारत में दूरसंचार सेवाओं को नियमित और बेहतर किया जा सके।
  • भारत में लगभग 80% मोबाइल डेटा का उपयोग इमारतों के अंदर होता है।
  • 4G और 5G जैसी उच्च आवृत्ति की सेवाएं अक्सर कंक्रीट और ग्लास जैसी निर्माण सामग्री से प्रभावित होती हैं।
  • यह भारत का पहला मानकीकृत ढांचा है जो डिजिटल कनेक्टिविटी के आधार पर संपत्तियों की रेटिंग प्रदान करता है।

यह पहल डिजिटल इंडिया मिशन को एक ठोस आधार प्रदान करेगी और उपभोक्ताओं, किरायेदारों तथा व्यावसायिक संस्थाओं को बेहतर कनेक्टिविटी की जानकारी पूर्व-निर्धारित रूप से उपलब्ध कराएगी। साथ ही, यह डेवलपर्स को डिज़ाइन के स्तर पर ही डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को शामिल करने के लिए प्रेरित करेगी, जिससे भविष्य के स्मार्ट भवनों का मार्ग प्रशस्त होगा।

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