गुजरात में श्रमिक अन्नपूर्णा योजना का विस्तार, भोजन केंद्रों का नेटवर्क 372 तक
गुजरात में निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को कम कीमत पर भोजन उपलब्ध कराने वाली श्रमिक अन्नपूर्णा योजना का दायरा बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 16 अक्टूबर 2026 को 101 नए भोजन वितरण केंद्रों का उद्घाटन किया। ये केंद्र राज्य के 28 जिलों में संचालित होंगे और इनके जुड़ने से योजना के केंद्रों की कुल संख्या 372 हो गई है।
नए केंद्रों से बढ़ेगी भोजन उपलब्धता
नए केंद्रों से प्रतिदिन 10,000 अतिरिक्त भोजन उपलब्ध कराने की क्षमता जुड़ने की उम्मीद है। विस्तार के बाद योजना के माध्यम से रोजाना लगभग 45,000 निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों तक भोजन पहुंचाने का लक्ष्य है। नए केंद्रों का उद्घाटन भारतीय जनता पार्टी के सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित सेवा दान कार्यक्रम के साथ किया गया।
योजना के केंद्रों पर श्रमिक और उनके परिवार के सदस्य प्रति व्यक्ति पांच रुपये में भोजन प्राप्त कर सकते हैं। इससे निर्माण स्थलों पर काम करने वाले ऐसे लोगों को कम कीमत पर तैयार भोजन मिल सकता है, जिन्हें काम के दौरान भोजन की व्यवस्था करना कठिन होता है।
पांच रुपये में भोजन और निर्माण स्थलों तक आपूर्ति
एक सामान्य भोजन में रोटी, सब्जी, दाल, चावल, अचार, मिर्च और गुड़ शामिल होते हैं। सप्ताह में एक बार मिठाई के रूप में सुखड़ी या शीरा दिया जाता है। इस तरह भोजन में अनाज, दाल और सब्जियों के साथ पारंपरिक खाद्य पदार्थ भी शामिल किए गए हैं।
योजना में निर्माण स्थलों तक भोजन पहुंचाने की सुविधा भी है। जिन निर्माण स्थलों पर 50 से अधिक श्रमिक इस सेवा के लिए सहमति देते हैं, वहां भोजन की घर-द्वार आपूर्ति की जाती है। इस सुविधा के जरिए अब तक लगभग 27 लाख भोजन वितरित किए जा चुके हैं। यह व्यवस्था उन स्थलों के लिए उपयोगी है जहां श्रमिकों के लिए भोजन केंद्र तक जाना व्यावहारिक न हो।
2017 में शुरुआत, 2022 में कीमत आधी
श्रमिक अन्नपूर्णा योजना की शुरुआत 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने की थी। उस समय भोजन की कीमत प्रति व्यक्ति 10 रुपये थी। अक्टूबर 2022 में योजना को फिर से शुरू किया गया और भोजन की कीमत घटाकर पांच रुपये कर दी गई।
18 अक्टूबर 2023 तक गुजरात में लगभग 50 लाख श्रमिकों को अन्नपूर्णा योजना का लाभ मिलने की जानकारी दी गई थी। उस समय राज्य सरकार प्रति भोजन 37 रुपये की सब्सिडी दे रही थी। नवंबर 2023 में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने योजना के तहत 155 अतिरिक्त केंद्रों का उद्घाटन किया था। ये आंकड़े योजना के विस्तार और रियायती भोजन उपलब्ध कराने में सरकारी सहायता की भूमिका को दर्शाते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- श्रमिक अन्नपूर्णा योजना गुजरात में वर्ष 2017 में शुरू हुई थी।
- अक्टूबर 2022 में दोबारा शुरू किए जाने पर भोजन की कीमत 10 रुपये से घटाकर पांच रुपये प्रति व्यक्ति की गई।
- निर्माण स्थल पर 50 से अधिक श्रमिक सेवा के लिए सहमत हों, तो वहां भोजन पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध है।
- 16 अक्टूबर 2026 के विस्तार के बाद योजना के भोजन केंद्रों की कुल संख्या 372 हुई।
नए केंद्रों और निर्माण स्थलों तक आपूर्ति की सुविधा से गुजरात में श्रमिकों के लिए रियायती भोजन की पहुंच बढ़ेगी। योजना का अगला महत्वपूर्ण पहलू यह होगा कि बढ़ी हुई क्षमता के अनुरूप भोजन नियमित रूप से लाभार्थियों तक पहुंचे।